
Chittorgarh : फाइल फोटो पत्रिका
Chittorgarh : चित्तौड़गढ़ में प्रशासनिक पद के रसूख और भ्रष्टाचार की काली कमाई को सफेद करने के लिए एक बेटे और बहू का अपनी ही बुजुर्ग मां को मोहरा बनाने का एक मामला सामने आया है। चित्तौड़गढ़ के मधुवन सेंती इलाके में रहने वाली एक पीड़ित मां ने अपने ही प्रशासनिक अधिकारी बेटे अभय सिंह, बहू माधवी सिंह और उनके सहयोगी अशोक कुमार जैन के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और प्रताड़ना का गंभीर मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे ने साल 2007 में प्रशासनिक सेवा में आने के बाद पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति बनाई और सीबीआई रेड से बचने के लिए मां के नाम पर बेनामी संपत्तियां खरीदना शुरू कर दिया।
पीड़िता के दर्ज शिकायत के अनुसार वर्ष 2019 में उसके बेटे के घर पर सीबीआई की रेड हुई थी। इसके बाद आरोपी बेटा अभय सिंह और बहू माधवी सिंह चित्तौड़गढ़ स्थित उसके घर आए। आरोपी बहू ने कहा कि मेरे पति ने 10 साल की नौकरी में बहुत पैसा कमाया है। इसके बाद दोनों ने दो बैगों में करीब 70 करोड़ रुपए होना बताते हुए कहा कि वे सरकारी नौकरी में होने के कारण अपने नाम पर संपत्ति नहीं खरीद सकते इसलिए ये सारी संपत्तियां मां के नाम पर खरीदी जाएंगी।
काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने सोची-समझी आपराधिक साजिश रची। आरोपियों ने पीड़िता के दिवंगत पति के पूर्व सहकर्मी अशोक कुमार जैन को इस खेल में शामिल किया। विश्वास में लेकर आरोपियों ने मधुवन सेंती लवकुश नगर चतुर्थ स्थित प्लॉट संख्या 29 का फर्जी विक्रयनामा तैयार करवाया। इसके लिए पीड़िता के एचडीएफसी बैंक का 9.9 लाख रुपए का चेक भी ले लिया गया।
हैरत की बात यह है कि 10 मई 2024 को उपपंजीयक कार्यालय चित्तौड़गढ़ में रजिस्ट्री भी करवा दी गई, लेकिन उक्त चेक का भुगतान आज तक विक्रेता को नहीं हुआ। जब पीड़िता ने जांच की तो पता चला कि वह प्लॉट कथित विक्रेता के नाम पर था ही नहीं है। आरोपियों ने उपपंजीयक कार्यालय के कर्मियों से मिलीभगत कर फर्जी विक्रेता और झूठे गवाह खड़े कर यह फर्जी रजिस्ट्री अंजाम दी थी।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इस अवैध कारोबार और फर्जी रजिस्ट्रियों का विरोध किया और दोनों बेटों के बीच संपत्ति के बंटवारे की बात की तो आरोपी बेटा और बहू आगबबूला हो गए। आरोपियों ने बुजुर्ग मां के साथ मारपीट की और धमकी दी कि जमीनों के बारे में किसी को भी बताने की जरूरत नहीं है अगर कोशिश की तो जान से मरवा दूंगा।
जनवरी 2026 में आरोपी दंपती चित्तौड़गढ़ आए और ताकत के बल पर मां से प्लॉट और जमीनों के सारे असली दस्तावेज लूटकर ले गए। विरोध करने पर मां को ही झूठे मुकदमों में फंसाकर बर्बाद करने की धमकी दी गई और उसके खाली चेकों का दुरुपयोग करने का डर दिखाया गया।
पीड़िता ने इस पूरी आपबीती और धोखाधड़ी की शिकायत पहले सदर थाना चित्तौड़गढ़ और उसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक के जरिए भेजी थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी के रसूख के चलते पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की और न ही प्रकरण दर्ज किया। आखिरकार न्याय की गुहार लेकर पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिसके बाद अब इस हाई प्रोफाइल मामले में पुलिसिया जांच की परतें खुलेंगी।
Updated on:
18 Jul 2026, 11:51 AM IST
Published on:
18 Jul 2026, 11:51 AM IST
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