एक्सईएन ने दिलाया 5 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने का भरोसा तो परिजन पोस्टमार्टम करवाने को हुए रजामंद
मंडार. पीथापुरा पंचायत के मोरवड़ा गांव में कृषि कुएं पर गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे फसल की ङ्क्षसचाई के लिए मोटर स्टार्ट करते समय एक युवक सर्विस वायर की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया। उप सरपंच कैलाश कुमार चौधरी व मृतक का भाई दिनेशकुमार उसे मंडार के सरकारी अस्पताल लेकर आए, जहां चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपक मेघवाल ने उसे मृत घोषित कर दिया। डिस्कॉम की कथित लापरवाही के कारण झुलते तारों के कारण काश्तकार प्रेमाराम चौधरी (35) की मौत होने की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में किसान जमा हो गए। उधर सूचना मिलते ही एसआई मोहनलाल विश्नोई, हैड कांस्टेबल रमेशदान चारण, ओमप्रकाश विश्नोई समेत जाब्ता, मंडार सरपंच परबतङ्क्षसह, डिस्कॉम एईएन लवकुुमार मीणा, जेईएन राजेश मीणा भी अस्पताल पहुंचे। वहां पीडि़त परिवार व किसानों की मांग पर सहायक अभियंता से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से किसान भडक़ गए। अपराह्न पहुंचे एक्सईएन प्रवीण खत्री ने नियमानुसार अधिकतम पांच लाख रुपए तक का मुआवजा देने का भरोसा दिलाने पर मृतक का पोस्टमार्टम करवाने को रजामंद हुए। बाद में पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
डिस्कॉम ने मृतक की लापरवाही बताया तो भडक़ गए
पुलिस के अनुसार मोरवड़ा निवासी दिनेशकुमार पुत्र खेताराम चौधरी ने रिपोर्ट देकर बताया उसका भाई प्रेमाराम चौधरी (35) सुबह साढ़े पांच बजे मोटर स्टार्ट कर रहा था, तब सर्विस केबल जमीन से सटकर होने व जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से मोटर स्टार्ट करते ही करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया। जिसे अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। लोगों ने इसे डिस्कॉम की लापरवाही के कारण करंट से झुलस कर मौत होने पर मुआवजा देने की मांग की। इस बीच डिस्कॉम अधिकारियों ने इसे मृतक की लापरवाही बताया तो मृतक के परिजन व किसान भडक़ गए। मौके पर पहुंचे पूर्व प्रधान कालूराम चौधरी की अगुवाई में अस्पताल में ही मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। पोस्टमार्टम नहीं करवाने की चेतावनी दी। जिस पर मौके की जांच कमेटी नियुक्त की। जिसमें पूर्व प्रधान कालूराम चौधरी, पीथापुरा पूर्व सरपंच नानजीराम रेबारी, उपसरपंच कैलाश कुमार चौधरी, भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मावाराम चौधरी, अशरफ भाटी, सुमित, एएसआई मोहनलाल बिश्नोई व पुलिस जाब्ता मौके पर घटना स्थल पहुंचा। वहां केबल जमीन से सटकर होने के साथ क्षतिग्रस्त पाई गई।
अंतत: एक्सईएन प्रवीण खत्री व सहायक अभियंता मीना ने चर्चा कर नियमानुसार अधिकतम पांच लाख रुपए तक का मुआवजा दो महीनों के भीतर पीडि़त परिवार को दिलवाने का लिखित में आश्वासन देने के बाद परिजन व काश्तकार पोस्टमार्टम करवाने पर रजामंद हुए। उधर, पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। महेश अग्रवाल, भूराराम पटेल, मानाराम चौधरी, भैराराम चौधरी, सूजाराम पटेल, दिनेश कोली, हमीराराम देवासी, दिनेश कुमार चौधरी, जैसुंगराम, वीराराम चौधरी, राजू राणा, जसाराम, खंगाराराम समेत कई लोग उपस्थित थे।