
सीतापुर. गोंदलामऊ विकास खंड में संक्रामक रोग पूरी तरह से अपने पैर पसार चुका हैं और इससे सबसे ज्यादा सीतापुर का प्रभावित इलाका गोंदलामऊ के तकरीबन एक दर्जन गांव हैं। संक्रामक रोग अब तक जनपद के 22 लोगों को अपने आगोश में लेकर मौत की नींद सुला चुका हैं लेकिन स्वास्थ्य महकमा अब भी परवाह बना हुआ हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा हैं इसके चलते इलाके के तकरीबन एक सैकड़ा लोग इस बीमारी की चपेट में हैं जो कि अलग-अलग अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में कैम्पिंग करके प्रभावित लोगों को दवाइयां बांटकर इससे बचने के लिए दिशा निर्देश दे रही हैं लेकिन इसके बावजूद लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
संक्रामक बीमारियों से अब तक 22 की मौत
सीतापुर के विकास खंड गोंदलामऊ के तकरीबन दो दर्जन से अधिक गांवों में तकरीबन एक सैकड़ा से अधिक लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में हैं जिसमे अभी तक 22 लोगों की मौत हो चुकी हैं। इन बीमारियों को बढ़ावा देने में सबसे बड़ा हाथ रामगढ़ शुगर फैक्ट्री से लगातार निकलने वाला गंदे नाले का पानी भी हैं। संक्रामक बीमारियों से हो रही मौतों और लगातार हो रहे बीमार लोगों के इलाजे के बाद स्वास्थ्य महकमा अपनी कुम्भकर्णी नींद से जागकर प्रभावित गांवों में टीम बनाकर कैंपिंग कर रहा हैं।
विभाग गांवों में कर रहा सैम्पलिंग
सीएमओं आर. के.नैय्यर के मुताबिक अब तक सरकारी आंकड़ों में 22 लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि एक सैकड़ा लोग बीमार हैं। उनका कहना हैं कि प्रभावित गांवों में टीमें कैंपिंग कर रही हैं उन्हें दवाइयां भी वितरित कर रही हैं। उनका कहना हैं कि गांव में बीमारी फैलने का मुख्य कारण हैं लोगों का दूषित पानी पीना। इस कारण से हर साल इस मौसम में गोंदलामऊ का एक इलाका संक्रमण की चपेट में आ जाता हैं।