
School Closed:सीतापुर में जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक में सभी विद्यालयों को बंद रखने का आदेश दिया है। जहां आगामी 23 से अक्टूबर को एमएलसी चुनाव होना है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। अपने आदेश में जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया है कि निर्वाचन 2026 के लिए मतदान 23 अक्टूबर शुक्रवार को होना निश्चित है। जिसके कारण कक्षा नर्सरी से 12 तक के सभी विद्यालयों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। इसमें परिषदीय, माध्यमिक, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त सभी वोटो के विद्यालय आदि शामिल है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 23 अक्टूबर को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक सीतापुर की संयुक्त आदेश पत्र में यह जानकारी दी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर या आदेश जारी किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के लिए मतदान 23 अक्टूबर शुक्रवार को निर्धारित है। इसी कारण यह अवकाश घोषित किया गया है।
बीएसए ऑफिस से जारी विज्ञप्ति के अनुसार जारी विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक 22 अक्टूबर के अनुसार जनपद सीतापुर में कक्षा नर्सरी से कक्षा 12 तक के समस्त परिषदीय, माध्यमिक, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड से संचालित सभी विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया गया है। 23 अक्टूबर को विशेष अवकाश घोषित किया जाता है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि उक्त आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। इस आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल और जिला विद्यालय निरीक्षक राजेन्द्र सिंह के हस्ताक्षर हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी विज्ञप्ति को संबद्ध विभागों को बी प्रतिलिपि भेजी गई है। जिसमें महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश लखनऊ, जिलाधिकारी सीतापुर, मुख्य विकास अधिकारी, शिक्षा निदेशक बेसिक, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज सहित सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी शामिल है। जिलाधिकारी में कि शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
विशेष अवकाश के घोषित होने से जिले के लाखों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को राहत मिली। निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में मदद मिलेगी। मतदान के दिन स्कूलों को मतदान केंद्र भी बनाया जाता है। सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से यह फैसला अहम माना जा रहा है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे इस आदेश का संज्ञान लें और अपने बच्चों को 23 अक्टूबर को स्कूल न भेजें।