सीतापुर

तनहाई बैरक में खूंखार और फांसी की सजा पाए कैदियों को रखा जाता है, अब उसी में हैं आजम खां

आजम खां को तनहाई बैरक में रखा गया है। इसे हाई सिक्योरिटी बैरक भी कहा जाता है। इससे पहले वह फरवरी 2020 से मई 2022 तक सीतापुर जेल में करीब 819 रातें यानी 27 मीने काट चुके हैं।

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Oct 23, 2023
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जेल प्रशासन ने बताया कि आजम खां सामान्य कैदी की तरह ही रहेंगे। जेल प्रशासन की तरफ से कोई काम नहीं लिया जाएगा। जेल अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि आजम खां को रामपुर से सीतापुर जेल में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने हाई सिक्योरिटी वाले बैरक में रखा गया है। फांसी की सजा पाए दूसरी बैरक में शिफ्ट किया गया है। जेल सूत्रों के मुताबिक तनहाई बैरक में आमतौर पर खूंखार किस्म के अपराधी, फांसी की सजा पाए कैदी या हाई प्रोफाइल स्तर के कैदी-बंदियों को रखा जाता है।

पुलिस की कार से सीतापुर जेल भेजा गया
शनिवार की रात ही जेल प्रशासन को आजम के शिफ्ट किए जाने की खबर लग गई थी। तड़के ही जेल में तैयारियां पूरी कर ली गईं। बैरक को साफ किया गया। सुबह सवा 9 बजे के आसपास उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीतापुर जेल लाया गया। रामपुर से उन्हें बंदियों व कैदियों के वाहन की जगह पुलिस की कार से लाया गया। उनका वाहन सीधे जेल के अंदर ले जाया गया। माना जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने ऐसा किया है। उन्हें पैदल नहीं चलने दिया गया। सीतापुर जेल के अंदर वह तनहाई बैरक में रखे गए हैं।

ट्रॉली बैग और एक पॉलीथीन में कपड़े लेकर निकले
एक बैग और एक पालीथीन में कपड़े लेकर आए आजम आजम खान 2022 में इसी जेल से एक ट्राली बैग और एक पॉलीथीन में कपड़े लेकर निकले थे। रविवार को फिर उसी बैग और पालीथीन में कपड़े लेकर वह दोबारा दाखिल हुए। हालांकि जेल में सुरक्षाकर्मियों ने उनके बैग और कपड़े को अंदर तक पहुंचाया। उधर जेल में आजम खान का मेडिकल परीक्षण भी किया गया है।

Published on:
23 Oct 2023 04:35 pm