सीतापुर

ड्राइवर ने मंदिर पर बुलडोजर चलाने से किया इनकार, बुलाया गया प्राइवेट ऑपरेटर

Government driver refuses to run bulldozer over Man Durga Mandir: सीतापुर में दुर्गा मंदिर को तोड़ने के लिए नगर पालिका का बुलडोजर मौके पर पहुंचा। मौके पर प्रशासनिक टीम भी मौजूद थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों में उस समय हड़कंप मच गया। जब नगर पालिका के बुलडोजर के ड्राइवर ने मंदिर के ऊपर जेसीबी चलाने से […]

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फोटो सोर्स- पत्रिका

Government driver refuses to run bulldozer over Man Durga Mandir: सीतापुर में दुर्गा मंदिर को तोड़ने के लिए नगर पालिका का बुलडोजर मौके पर पहुंचा। मौके पर प्रशासनिक टीम भी मौजूद थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों में उस समय हड़कंप मच गया। जब नगर पालिका के बुलडोजर के ड्राइवर ने मंदिर के ऊपर जेसीबी चलाने से इनकार कर दिया। आनन-फानन प्राइवेट चालक को बुलवाया गया। जिसने मंदिर के ऊपर बुलडोजर चलाया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मंदिर के सामने हाथ जोड़ खड़े रहे। यह मंदिर सड़क के चौड़ीकरण में बाधक था। प्रशासन ने मूर्ति को दूसरे मंदिर में रखवा दिया है। मामला कैप्टन मनोज पांडे चौराहे के पास का है।

3 करोड़ के बजट से चौराहे का सौंदर्यीकरण

उत्तर प्रदेश के सीतापुर के कैप्टन मनोज पांडे चौक के सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण के लिए 3 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। प्रोजेक्ट के अनुसार चौराहे से चारों तरफ डेढ़ सौ मीटर की दूरी तक सड़क का चौड़ीकरण होना है, जबकि चौराहे से थोड़ी दूरी पर दुर्गा मंदिर स्थापित था। जिसके कारण सड़क के चौड़ीकरण का कार्य पूरा नहीं हो रहा था। जिसको देखते हुए प्रशासन ने मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट करने का निश्चय किया।

निजी ड्राइवर बुलाया गया

इसी क्रम में एडीएम नीतीश कुमार, उपजिलाधिकारी दामिनी एस. दास, नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंच गए। जेसीबी ड्राइवर सुशील को मंदिर तोड़ने के लिए कहा गया, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इस दौरान जेसीबी संविदा चालक सुशील को अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने मंदिर पर जेसीबी चलाने से इनकार कर दिया। यह देख प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। राजस्व कर्मचारियों ने प्राइवेट ड्राइवर को बुलाया, जिसके माध्यम से मंदिर पर बुलडोजर चलाया गया।

नायब तहसीलदार ने छैनी-हथौड़ी लिया

इसके पहले नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी ने मंदिर में स्थापित मूर्ति को जमीन से अलग किया। उन्होंने स्वयं छैनी-हथौड़ी लेकर मां दुर्गा की प्रतिमा को सुरक्षित रखते हुए धीरे-धीरे चोट मारना शुरू किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी दामिनी एस. दास हाथ जोड़े खड़ी रहीं। मां दुर्गा की प्रतिमा को पास के ही शक्ति मंदिर में रखा गया है।

क्या कहती हैं एसडीएम?

इस संबंध में उप जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क चोरी करने के लिए मंदिर को हटाया जाना जरूरी था। जिससे कि कैप्टन मनोज पांडे चौराहे का कार्य पूरा किया जा सके। बताया गया कि स्थानीय लोगों की सहमति से दुर्गा मंदिर को हटाने का कार्य किया गया। अब मूर्ति को नई जगह पर स्थापित करने की योजना है।

Published on:
29 Mar 2026 08:45 pm
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