
सीतापुर के महमूदाबाद थाना क्षेत्र के बघाइन गांव का रवि गोपाल अपने परिवार का इकलौता सहारा था। करीब दो साल पहले रवि ने अपनी बूढ़ी मां, पत्नी और मासूम बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बाहर जाने का फैसला किया। वह सऊदी अरब में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा था। 18 मार्च को रवि अपनी शिफ्ट खत्म करके कमरे पर लौटा। रात के करीब दस बज रहे थे जब उसने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया। फोन पर रवि अपनी पत्नी को बता रहा था कि वह इस बार ईद की छुट्टियों में घर आने की कोशिश करेगा। वह घर के राशन और बच्चों की पढ़ाई को लेकर बात कर रहा था। हंसी-मजाक का दौर चल रहा था और पत्नी उसे घर जल्दी आने की जिद कर रही थी।
बातचीत के दौरान ही अचानक फोन की दूसरी तरफ से एक कान फाड़ देने वाला धमाका सुनाई दिया। पत्नी रवि…रवि चिल्लती रही, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। मोबाइल का कैमरा आसमान की तरफ घूम गया और फिर सिर्फ धुएं और शोर की आवाजें आती रहीं। कुछ ही सेकंड में कॉल कट गई। पत्नी ने बार-बार फोन मिलाया लेकिन रवि का फोन स्विच ऑफ हो गया। घरवाले पूरी रात बेचैन रहे।
अगले दिन 19 मार्च को रवि के एक दोस्त ने उसके बड़े भाई मनमोहन को फोन किया और बताया कि रियाद में हुए मिसाइल हमले में रवि की मौत हो गई। यह सुनते ही घर में कोहराम मच गया। मां बैजंती बेसुध हो गईं, पिता रवनीत गुमसुम बैठ गए और पत्नी रितु की चीखें पूरे घर में गूंज उठीं। जिस बेटे के सहारे घर चल रहा था, वही अब हमेशा के लिए चला गया।
रवि गोपाल का जीवन संघर्षों से भरा था। घर में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी रितु और चार साल का मासूम बेटा था। इन सबकी जिम्मेदारी अकेले उसी के कंधों पर थी। बेहतर भविष्य के लिए उसने विदेश जाने का फैसला लिया। उसकी शादी 23 सितंबर 2020 को मिश्रपुर की रितु से हुई थी। शादी के बाद वह पहली बार सऊदी गया। 2025 में बहन की शादी के लिए वह घर लौटा और कुछ समय बाद 18 सितंबर 2025 को दोबारा रियाद चला गया। उसे क्या पता था कि यही सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
परिजनों के मुताबिक, रवि रियाद की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में लोडिंग-अनलोडिंग का काम करता था। 18 मार्च की शाम मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक मिसाइल कंपनी परिसर में आ गिरी। रवि उसी वक्त वहां मौजूद था और धमाके की चपेट में आकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
परिवार का आरोप है कि उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस ने सिर्फ जानकारी लेने की बात कही। अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई दिखी और न ही शव को भारत लाने के लिए कोई स्पष्ट पहल हुई है। परिजनों की मांग है कि रवि का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि उसका अंतिम संस्कार अपने गांव में किया जा सके।
Updated on:
21 Mar 2026 02:14 pm
Published on:
21 Mar 2026 02:13 pm
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