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‘उसके सिर पर खून सवार था’, पत्नी के चरित्र पर पति को शक! क्रूरता की हदें पार करने वाले दरिंदे को होगी फांसी

Death Penalty For Wife Murder Accused: पत्नी के चरित्र पर पति को शक था। 4 साल पहले ही दोनों ही लव मैरिज हुई थी। जानिए पूरा मामला क्या है?

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death penalty for man found guilty of murdering wife and innocent son sitapur crime

हत्या के आरोपी को सजा-ए-मौत। फोटो सोर्स-AI

Death Penalty For Wife Murder Accused: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को ‘विरले मामलों’ की श्रेणी में रखते हुए आरोपी पर 65 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। घटना के 4 साल, 2 महीने और 2 दिन बाद अदालत का यह फैसला सामने आया है।

पत्नी की बेरहमी से हत्या, मासूम बेटे की भी गई जान

यह सनसनीखेज वारदात 11 फरवरी 2022 की रात करीब 11:30 बजे मिश्रिख थाना क्षेत्र के गेंगलापुर गांव में हुई थी। आरोपी नीरज ने अपनी पत्नी माया की कुदाल और दराती से वार कर निर्ममता से हत्या कर दी थी। इस दौरान उसने अपने डेढ़ साल के बेटे पीयूष को भी जमीन पर फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बचाने आए भाई पर भी किया हमला

घटना के दौरान जब आरोपी का भाई सुरेश बीच-बचाव करने पहुंचा, तो नीरज ने उस पर भी कुदाल से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी के भाई के मुताबिक, उस रात आरोपी बेहद उग्र था और उस पर जैसे खून सवार हो गया था।

FIR से लेकर कोर्ट तक की कार्रवाई

घटना के अगले दिन 12 फरवरी 2022 को आरोपी के बड़े भाई गुड्डू ने कोतवाली मिश्रिख में तहरीर देकर मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट संख्या-7 में चल रही थी, जहां अभियोजन पक्ष ने सात गवाह और नौ साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायाधीश ने बताया ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ केस

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश तरन्नुम खान ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। अदालत ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी विरले मामलों में से एक करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी अधिवक्ता अफन हसन सिद्दीकी ने की।

परिवार में पसरा मातम, भाई को फैसले का अफसोस

मामले में शिकायतकर्ता और आरोपी के बड़े भाई गुड्डू ने बताया कि वह अनपढ़ हैं और पुलिस के कहने पर ही उन्होंने तहरीर दी थी। अब भाई को मृत्युदंड मिलने से वह दुखी हैं और उन्हें मुकदमा दर्ज कराने का अफसोस भी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास भाई की सजा के खिलाफ अपील करने के लिए पैसे नहीं हैं।

प्रेम विवाह के बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, नीरज और माया ने घटना से करीब चार वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। हालांकि, विवाह के बाद से ही नीरज को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक रहने लगा था। इसी शक ने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया और अंततः इस जघन्य अपराध में बदल गया।

क्रूरता की हदें पार करने वाली वारदात

घटना के चश्मदीद सुरेश ने बताया कि नीरज ने माया को घर के अंदर से घसीटकर बाहर लाया और फिर कुदाल से उस पर कई वार किए। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। यह पूरी घटना बेहद क्रूर और अमानवीय थी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।