
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के डीजीपी एके जैन ने गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश मातहतों को दिये हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ यह शिकायत मिलती है कि उसने पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद अभियुक्तों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं की, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी ने सभी आईजी जोन, डीआईजी रेंज व जिले के पुलिस कप्तानों को पत्र भेजकर कहा है कि उप्र गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए तथा अपराध नियंतण्रके लिए अपराधियों को दंडित कराने को पुलिस महकमे द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जनपदों में गोवध, पशु तस्करी, पशुओं के अवैध परिवहन के दौरान पुलिस पर जान से मारने की नीयत से हमला करना, डकैती और हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार, गैंगरेप, अवैध शराब, एसिड अटैक, पुलिस अभिरक्षा में अभियुक्तों पर फायरिंग करना, बम चलाना तथा सार्वजनिक स्थानों पर गोलियां चलाया जाना, लोक सेवकों पर जान से मारने की नीयत से हमला करना, साम्प्रदायिकता फैलाना, बैंक व एटीएम लूटना, राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और जीवन की गति को प्रभावित करने वाले अपराधों में गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई नहीं हो रही है।