
सीतापुर. पुलिस के घूस लेने के मामले अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं, इनमें से कई बार मामले उजागर होते हैं और अधिकतर दबा दिए जाते हैं, लेकिन जब आज के युग में कोई मामला कैमरे में कैद हो जाता है, सोशल मीडिया पर बुरी तरीके से वायरल हो जाता है और ऐसे मामले दबते नहीं हैं और हड़कंप मचा देते हैं।
रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुई पुलिस की हकीकत
कुछ उसी तरीके का आज सीतापुर के बिसवां इलाके की पुलिस का एक वीडियो में तब वायरल हुआ जब पुलिसकर्मी घूस के नाम पर रुपए ले रहे थे। सूत्रों की माने तो यह रकम बालू से लदी ट्रैक्टर ट्राली को छोड़ने के एवज में ली जा रही थी। जिसकी कुल मुद्रा तकरीबन 5000 थी। सीतापुर में रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुई पुलिस की हकीकत कोई पहली बार नहीं है बल्कि इससे पहले कई अलग-अलग स्थानों में घूस लेने, गाली देने, किसी पत्रकार को जबरन पीटने के वाक्ये एक वायरल वीडियो के रूप में सामने आते रहे हैं। इस मामले में बिसवां कोतवाली की एक चौकी में बालू की ट्राली छोड़ने को लेकर पुलिस वालों द्वारा सौदेबाजी की जा रही है और मोटी रकम वसूली जा रही है।
कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही
सीतापुर पुलिस बालू के अवैध खनन को कराने में पहले ही सवालों के घेरे में रही है फिर चाहे वह समाजवादियों की सरकार रही हो या अब भाजपा की। यही नहीं सीतापुर पुलिस महकमें के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी समय समय पर अपने मातहतों को इस बाबत सावधान किया जाता रहा है और आवश्यकता पड़ने पर कार्यवाही भी की गई है लेकिन रकम वसूली में अक्सर कर्मियों द्वारा पुलिस विभाग की किरकिरी कराई जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।
तमाम दावों पर सिर्फ और सिर्फ पानी ही फेर रहे हैं
वही जब इस मामले में सीतापुर पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे भी ऐसे किसी वीडियो के बारे में मीडिया से ही जानकारी प्राप्त हुई है और मैंने इसको लेकर क्षेत्राधिकारी बिसवां से रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी. पर सवाल एक बार फिर कि जब योगी सरकार पुलिस के दुरुस्तीकरण को लेकर तमाम दावे कर रही है तो ऐसे वीडियो सरकार के तमाम दावों पर सिर्फ और सिर्फ पानी ही फेर रहे हैं।