सीतापुर

सीतापुर की दरी को मिलेगा विदेशी बाजार, ODOP क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में पहुंचे मंत्री भूपेंद्र चौधरी

Sitapur Dari ODOP: सीतापुर में ODOP के तहत आयोजित दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मंत्री भूपेंद्र चौधरी पहुंचे। विदेशी खरीदारों ने दरी के नए ऑर्डर दिए, जिससे स्थानीय कारीगरों को बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।
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Updated: 24 Oct 2026, 5:26 PM IST
Bhupendra Singh Chaudhary
मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी (IANS Photo)

Sitapur Dari ODOP: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत दरी (कालीन) उद्योग को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी।

मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना का उद्देश्य प्रदेश के सभी जिलों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। सीतापुर में दरी उद्योग को केंद्र में रखकर आयोजित सम्मेलन में स्थानीय क्रेताओं के साथ विदेशी खरीदारों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने इस आयोजन को सराहनीय पहल बताते हुए आयोजकों और इसमें शामिल लोगों का आभार जताया।

विदेशी खरीदारों ने दिए नए ऑर्डर

भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में विदेशी खरीदार पहुंचे और उन्होंने दरी उत्पादों के लिए नए ऑर्डर भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सकता है और कारोबारियों को अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलता है।

सीतापुर की दरी को ODOP योजना के तहत बढ़ावा देने की पहल से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और कारोबारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन के जरिए क्रेताओं और उत्पादकों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया, ताकि उत्पादों की बिक्री और व्यापारिक संभावनाओं को विस्तार मिल सके।

यूपी की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले मंत्री?

मंत्री ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कभी प्रदेश को देश की विकास यात्रा में बाधक माना जाता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश विकास में सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य है।

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाने से इस दिशा में मदद मिल सकती है।

स्थानीय व्यंजनों को भी मिलेगा मंच

भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि सरकार ने स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए 'वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन' योजना भी शुरू की है। इसका उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों को पहचान दिलाना और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।

मंत्री के मुताबिक, ODOP और स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने जैसी पहलों के जरिए प्रदेश की क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

Updated on:
24 Oct 2026, 5:26 PM IST
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