प्रदेश के लाखों वित्तविहीन शिक्षक मानदेय बंद होने वा अन्य समस्याओं को लेकर लगातार 11 दिन से बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे थे
सीतापुर. प्रदेश के लाखों वित्तविहीन शिक्षक मानदेय बंद होने व अन्य समस्याओं को लेकर लगातार 11 दिन से बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे थे। 27 मार्च को शिक्षामित्रों उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सदन में विधान परिषद के सदस्य उमेश द्विवेदी के प्रश्न पर विचार करते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस बात की जानकारी देते हुये संघ के महासचिव ने बताया कि सरकार अब वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं को लेकर गंभीर रूप अपना रही है और जल्द ही इसके सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे।
जिला महासचिव बेचेलाल भार्गव ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने अतिशीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए मूल्यांकन बहिष्कार वापस लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री की अपील को देखते हुए प्रांतीय नेतृत्व के आहान पर मूल्यांकन बहिष्कार वापस लेकर हम सभी वित्तविहीन शिक्षक आज से ही मूल्यांकन का कार्य समय से पूरा करने का प्रयास करना आरम्भ कर दिए हैं।
शेख अफजाल हुसैन ने बताया कि आशा है कि हमारी मांगों पर उचित निर्णय लेते हुए सम्मानजनक मानदेय व वेतन सरकार द्वारा दिया जाएगा। जिससे की किसी भी वित्त विहीन शिक्षक को अपने परिवार का पालन पोषण करने में किसी प्रकर की कोई समस्या का सामना न करना पड़े।
पिछले 11 दिनों से वित्तविहीन शिक्षक कर रहे थे कार्य बहिष्कार
तमाम आश्वासन के बाद भी वित्त विहीन शिक्षकों की समस्यओं का निराकरण न होने के बाद ही इस बार संघ की तरफ से सख्त निर्णय लिया गया था। जिसको सरकार की बदलती मंशा के साथ वापस ले लिया गया है। इसके बाद मूल्यांकन करने का निर्णय लिया गया है।