अनपरा पुलिस ने पूर्व में फाइनेंस कलेक्शन के एजेंट से हुई लूट के मामले में मुठभेड़ के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस की गोली लगने के कारण दो आरोपी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है...
सोनभद्र: अनपरा पुलिस ने पूर्व में फाइनेंस कलेक्शन के एजेंट से हुई लूट के मामले में मुठभेड़ के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस की गोली लगने के कारण दो आरोपी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, गिरफ्तार अन्य तीन आरोपियों को न्यायालय में पेश करके उन्हें जेल भेज दिया गया है।
अनपरा थाने की पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि 27 मार्च को भारत फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट से लूट करने वाले आरोपी मिर्चाधुरी से अनपरा की तरफ जा रहे हैं, जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान कुबरी पहाड़ी के पास बदमाशों ने खुद को पुलिस से घिरता देख टीम पर फायरिंग कर दी।
वहीं, बदमाशों द्वारा फायरिंग किए जाने के बाद पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में संजय यादव और पंकज श्रीवास्तव के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। दोनों ही सोनभद्र जनपद के रहने वाले बताया जा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से धीरज यादव और हरिओम जायसवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस व खोखा कारतूस बरामद किया है।
वहीं, इस मामले में पुलिस ने चंद्रेश यादव को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है की गिरफ्तार लिए गए चारों आरोपियों ने चंद्रेश यादव के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके इस लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा आरोपियों से की गई पूछताछ के बाद पता चला है कि चंद्रेश पहले भारत फाइनेंस कंपनी में काम कर चुका है और उसे पता था कि शुक्रवार को ही कलेक्शन जाता है।
दरअसल, 27 मार्च को फाइनेंस कंपनी के एजेंट से लूट की गई थी,जिसमें 63 हजार रुपए, टैबलेट, बायोमेट्रिक मशीन, मोबाइल, कलेक्शन डायरी और अन्य आवश्यक कागजात से भरा बैग लूट लिया गया था। पीड़ित की तहरीर पर अनपरा थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
लूट की इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने एक टीम का गठन किया था, जिसमें अनपरा थाने के थाना अध्यक्ष सत्येंद्र राय, शक्ति नगर के थाना अध्यक्ष कमल नयन दुबे, अनपरा थाने के उप-निरीक्षक संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल रामू राजभर और कांस्टेबल रमेश गोड़ शामिल थे।