आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि 10 करोड़ वर्ष पूर्व डायनासोर को खाने वाले मगरमच्छ पृथ्वी पर अस्तित्व में था।
20 लंबा था मगरमच्छ
वैज्ञानिकों ने नौ करोड़ 50 लाख साल पहले मौजूद मगरमच्छ की एक ऐसी प्रजाति की खोज की है, जो कछुए से लेकर डायनासोर तक का शिकार करने में सक्षम थी। अमरीका की टेनेसी यूनिवर्सिटी के शोधक र्ताओं के मुताबिक, डेल्टासुचस मद्रल प्रजाति के ये मगरमच्छ वयस्क होने पर 20 फीट तक लंबे होते थे। ये मगरमच्छ धरती पर मौजूद वह सब खाते थे, जो वे खाना चाहते थे। मगरमच्छ की इस प्रजाति का नाम इस साइट पर काम करने वाले एक वॉलंटियर ऑस्टिन मद्रल के नाम पर रखा गया है, जिसने सबसे पहले इस मगरमच्छ के जीवाश्म की तलाश एक छोटे ट्रैक्टर की मदद से तब की थी, जब वह केवल 15 साल का था।
जीवाश्म से चला पता
यह अध्ययन उनका शिकार बने जानवरों की हड्डियों पर मिले काटने के निशान वाले जीवाश्मों के आधार पर किया गया है। ये जीवाश्म अमरीका के टेक्सास में डलासा फोर्ट वर्थ मेट्रोपोप्लेक्स की एक साइट से मिले थे। लंबेे समय तक अध्ययन के बाद इस बात का पता चला कि यह जीवाश्म एक मगरमच्छ है। यह उस दौर में विशालकाय जानवर डायनासोर को भी खाने सक्षम था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय यह मगरमच्छ कितना शाक्तिशाली और विशाल रहा होगा।
पहली प्रजाति
इस इलाके में 9.5 करोड़ से 10 करोड़ साल पूर्व के प्राचीन पारिस्थितिक तंत्र को पूरी तरह से बरकरार रखा गया है। टेनेसे यूनिवर्सिटी, नॉक्सविले की स्टेफनी ड्रमहेलर हॉर्टन के मुताबिक, वास्तव में हमारे पास मध्य क्रीटेशस से लेकर डायनासोर की अंतिम समय तक के ज्यादा जीवाश्म उत्तरी अमरीका में नहीं हैं। वहीं, महाद्वीप का पूर्वी भाग अध्ययन के लिहाज से खराब माना जाता है। इस वजह से अर्लिंग्टन आर्कोसोर साइट से मिले जीवाश्म इस कमी को पूरी करने में मदद कर सकते हैं। इस स्थान पर विभिन्न नई प्रजातियों के जीवाश्म मौजूद हैं। इनकी पहचान होनी बाकी है। डेल्टासुचस पहली प्रजाति है, जिसकी पहचान कर ली गई है।