
जयपुर। प्रताप नगर की निवासी अन्वेशा सिंह ने नौवें कॉमनवैल्थ चैम्पियनशिप में कराटे में गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया ।अन्वेशा ने जूनियर अंडर 18 में अफ्रीका को हराकर तीन की बढ़त से गोल्ड जीता। गोल्ड जीतने के बाद पूरे शहर और देश में जश् न का माहौल है। इसी दौरान अन्वेशा ने शेयर किए लाइफ के पल
7 सात से खेल रही कराटे
अन्वेशा ने बताया की २०११ से कराटे में भाग लेती आई है। इससे पहले भी स्टेट लेवल कई चैम्प्यिनशिप जीती है।मैं सात साल की थी जब से जूड़ो कराटे करने लगी लेकिन ये शौक जुनून में कब बदल गया, पता ही नहीं चला। शुरुआत स्कूली स्तर की प्रतियोगिताओं से हुई और अब देश-विदेश में मेडल जीत कर जीत कर देश का गौरव बढ़ाना है। मेरी इस सफलता के पीछे मेरे पापा , मेरे कोच ऑफ इण्डिया चीफ जयदेव शर्मा और टीम मेटस का पूरा पूरा सपोर्ट है।
पापा का सपना किया पूरा
अन्वेशा ने बताया कि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में गोल्ड जीतना मेरे पापा का सपना था जो मैने पूरा कर दिखाया ।यह मेरी फस्र्ट इंटरनेशनल चैम्पियनशिप थी। मेरा आगे का मकसद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना है जिसकी तैयारी कर रही हूं । अन्वेशा की मॉ के मुताबिक , 'हम चाहते हैं सानिया मिर्जा, साइना नेहवाल और जाने कितने खिलाड़ी हैं, उनकी तरह इसका (अन्वेशा) भी नाम हो और आगे बढ़े।
खेल के साथ -साथ पढ़ाई में होशियार
ज्यादातर देखा जाता है जो बच्चें स्पोर्ट में होते है वो पढ़ाई में ज्यादा होशियार नही होते लेकिन अन्वेशा पढ़ाई और खेल दोनों में आगे है। अन्वेशा का छोटा भाई भी उनकी तरह खेलने लग चुका है। वो अन्वेशा को अपना आइडिल मानता है।