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बीएसएनएल 4जी विस्तार के बावजूद निजी दूरसंचार कंपनियों से पीछे

भारत संचार निगम लिमिटेड के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता सांसद उदयपुर डॉ. मन्नालाल रावत ने की। बैठक में बताया गया कि 4जी सिचुएशन परियोजना के तहत जिले में 294 मोबाइल टावर लगाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिनमें से 244 टावर ही अब तक चालू हो पाए हैं, जबकि 156 नए टावरों का कार्य अभी प्रगति पर है।
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Apr 23, 2026
निजी दूरसंचार कंपनियों की तुलना में अभी भी नेटवर्क कवरेज, स्पीड और सेवा गुणवत्ता के स्तर पर बीएसएनएल पीछे दिखाई दे रहा है।
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हाईवे और रेलवे कवरेज अब भी चुनौती

उदयपुर. भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की 4जी नेटवर्क विस्तार परियोजना के तहत उदयपुर जिले में टावरों का विस्तार तेज गति से हो रहा है, लेकिन निजी दूरसंचार कंपनियों की तुलना में अभी भी नेटवर्क कवरेज, स्पीड और सेवा गुणवत्ता के स्तर पर बीएसएनएल पीछे दिखाई दे रहा है। यह स्थिति दूरसंचार सलाहकार समिति की बैठक में सामने आई।

भारत संचार निगम लिमिटेड के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता सांसद उदयपुर डॉ. मन्नालाल रावत ने की। बैठक में बताया गया कि 4जी सिचुएशन परियोजना के तहत जिले में 294 मोबाइल टावर लगाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिनमें से 244 टावर ही अब तक चालू हो पाए हैं, जबकि 156 नए टावरों का कार्य अभी प्रगति पर है।

निजी कंपनियों की तुलना में नेटवर्क कमजोर

बैठक में यह तथ्य सामने आया कि कई क्षेत्रों में जहां बीएसएनएल के नए टावर लगाए जा रहे हैं, वहां पहले से ही निजी दूरसंचार कंपनियों का मजबूत नेटवर्क उपलब्ध है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बीएसएनएल की उपस्थिति बढ़ रही है, लेकिन स्पीड, कनेक्टिविटी और सेवा स्थिरता के मामले में निजी कंपनियां अभी भी आगे हैं। इससे बीएसएनएल के सामने प्रतिस्पर्धा में पीछे रहने की चुनौती बनी हुई है।

नए टावर चालू, कई प्रस्तावित

बैठक में सांसद के निर्देश पर कलियाबावसी, बगदड़ा, बडूंदिया, कुरदाउ और वरड़ा सहित कई गांवों में मोबाइल टावर चालू कर दिए गए हैं। वहीं खाटी बोर, तुला, हर्षावाड़ा और पोपल्टी में नए टावर प्रस्तावित किए गए हैं। कुंडाल क्षेत्र का प्रस्ताव दूरसंचार विभाग को भेजा गया है। कुराबड़ ब्लॉक में दस टावर पहले से चालू हैं, जबकि 28 नए टावर प्रस्तावित हैं, जिनके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे पर कवरेज की कमी

सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे मार्गों को बीएसएनएल नेटवर्क में शामिल करने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए, क्योंकि वर्तमान में इन क्षेत्रों में निजी कंपनियों का नेटवर्क अधिक मजबूत है। उन्होंने भारत नेट परियोजना के तहत नई ग्राम पंचायतों को जोड़ने पर भी जोर दिया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बीएसएनएल को अपनी सेवाओं के प्रचार-प्रसार और विपणन में सुधार करने की आवश्यकता है। वर्तमान में निजी कंपनियां आक्रामक रणनीति के माध्यम से बाजार में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं, जबकि बीएसएनएल अपनी स्वदेशी 4जी तकनीक और सरकारी ढांचे पर आधारित सेवाओं के सहारे आगे बढ़ रहा है। हालांकि सदस्यों ने बीएसएनएल की स्वदेशी 4जी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत मॉडल की सराहना की।

कई तरह के दिए सुझाव

सदस्यों ने सुझाव दिया कि सेवा गुणवत्ता, नेटवर्क विस्तार और ग्राहक सुविधा में तेजी लाई जाए, तभी बीएसएनएल प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा हो सकेगा। बैठक में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में टावर विस्तार और नेटवर्क सुधार कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

Published on:
23 Apr 2026 05:39 pm