
कोटा .भाजपा प्रदेश मुख्यालय ने विधानसभा चुनाव में पार्षदों को चुनावी गणित समझाने के लिए मंगलवार को जयपुर में शहरी जनप्रतिनिधि सम्मेलन बुलाया, लेकिन इसमें भी गुटबाजी सामने आई। कोटा से भाजपा के आधे ही पार्षद पहुंचे। कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र का तो एक भी पार्षद सम्मेलन में नहीं पहुंचा। इसकी पार्टी मुख्यालय पर भी चर्चा रही।
पार्टी के प्रदेश मुख्यालय ने नगर निगम में भाजपा पार्षदों को जयपुर लाने का जिम्मा महापौर को सौंपा था। महापौर महेश विजय ने सभी भाजपा पार्षदों को पत्र भेजकर मंगलवार को जयपुर में होने वाले शहरी जनप्रतिनिधि सम्मेलन में पहुंचने की बात लिखित थी।
महापौर ने पत्र में लिखा था कि पार्टी मुख्यालय ने सभी पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य की है, इसलिए पार्षद निर्धारित समय पर जयपुर पहुंचे। कोटा दक्षिण, लाडपुरा और रामगंजमंडी से तो पार्षद पहुंचे, लेकिन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से एक भी पार्षद नहीं गया।
छात्र संघ चुनाव नतीजे :छात्र संघ के दंगल में एबीवीपी का मगंल...
28 पार्षद पहुंचे
निगम में भाजपा के कुल 53 पार्षद हैं, इसमें 28 पार्षद सम्मेलन में पहुंचे। महापौर महेश विजय के साथ दो गाडिय़ों में सात पार्षद गए थे, जबकि उप महापौर सुनीता व्यास की अगुवाई में लाडपुरा, कोटा दक्षिण और रामगंजमंडी के 20 पार्षद पहुंचे। पार्षद विवेक राजवंशी एक दिन पहले ही जयपुर पहुंच गए थे।
सफाई की निगरानी के लिए सभी 65 वार्डों में लगाए प्रभारी अधिकारी
यह समझाया गणित
सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने समझाया कि जनता के बीच कैसे अपनी बात रखनी है। कैसे जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को बताना है। साथ ही विपक्ष पर कैसे हमला करना है, इसकी रणनीति भी बताई।
नए नोटों से भी ज्यादा सिक्योरिटी फीचर से लैस है डिग्री
स्वास्थ्य खराब होने के कारण जयपुर सम्मेलन में नहीं जा पाए। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अन्य पार्षद क्यों नहीं गए, इसकी जानकारी नहीं है।
अतुल कौशल, पार्षद वार्ड 15