माधौ राव सिंधिया ने हायर एजुकेशन के लिए बनवाया था कॉलेज
ग्वालियर.
ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के नाम पर विक्टोरिया कॉलेज को तत्कालीन शासक माधौ राव सिंधिया ने बनवाया था। यह कॉलेज छात्रों की हायर एजुकेशन के लिए स्थापित किया गया। आजादी के बाद कॉलेज का नाम बदलकर महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर एमएलबी कॉलेज हुआ। इस कॉलेज से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई पॉलीटिकल लीडर, बिजनेसमैन ने पढ़ाई की है, जिन्होंने समय-समय पर शहर का गौरव बढ़ाया है। आज यहां कई प्रोफेशनल कोर्सेस संचालित हैं, जिसमें हजारों छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं।
आर्किटेक्ट बिटिश सर जॉन ने की थी बिल्डिंग डिजाइन
इंडो-ब्रिटिश आर्किटेक्ट में तैयार एमएलबी कॉलेज को देखने के लिए आज भी हर साल काफी संख्या में टूरिस्ट आते हैं। साथ ही आर्किटेक्चर स्टूडेंट्स की दिलचस्पी भी इसे देखने में रहती है। बिल्डिंग की विशेषता यह है कि इसमें 25 से 30 फीट हाइट के हॉल व कमरे हैं। बिल्डिंग तैयार करने में सेंड स्टोन ब्रिक्स का यूज किया गया, जिसमें समय के साथ चमक बढ़ रही है। बिल्डिंग में कहीं पर दरार या कलर फैड नहीं हुआ है। बिल्डिंग की डिजाइन आर्किटेक्ट बिटिश सर जॉन ने की थी। इस बिल्डिंग को तैयार होने में 9 साल का समय लगा है।
गर्मी में तीन डिग्री तक कम रहता है टेम्प्रेचर
सेंड स्टोन से तैयार इस बिल्डिंग को तैयार करने राजस्थान और गुजरात के कारीगर बुलाए गए थे। बिल्डिंग की जालियों की नक्कासी खास है, जिसे छेनी हथौड़े से डिजाइन किया गया था। डोम्स हिंदू शैली में बनाए गए हैं। यहां वेंटीलेशन एवं हवा का खास इंतजाम है। इस कारण गर्मी में तीन डिग्री तक टेम्प्रेचर कम रहता है।
12 एकड़ में फैला है एमएलबी कॉलेज
एमएलबी कॉलेज का क्षेत्रफल काफी बड़ा है। यह लगभग 12 एकड़ में फैला हुआ है। कैपस में ही स्मार्ट सिटी द्वारा कई स्पोट्र्स ग्राउंड तैयार कराए गए हैं, जहां खिलाडिय़ों की संख्या बढ़ी है। इसके सामने लगा 111 फीट का तिरंगा झंडा भी ऐतिहासिक इमारत की शोभा बढ़ा रहा है।