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हिंदी सिनेमा के लिजेंड कलाकार एके हंगल साहब की पुण्यतिथि आज

 हंगल साहब हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता एवं दूरदर्शन कलाकार थे।

2 min read
Aug 25, 2015
A. K. Hangal
एके हंगल साहब
का निधन आज ही दिन 26 अगस्त 2012 को हुआ था। हंगल साहब हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध
अभिनेता एवं दूरदर्शन कलाकार थे। वर्ष 1967 से हिन्दी फिल्म उद्योग का हिस्सा रहे
हंगल ने लगभग 225 फिल्मों में काम किया। उन्हें फिल्म परिचय और शोले में अपनी
यादगार भूमिकाओं के लिए जाना जाता है।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में
बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले ए.के. हंगल का जन्म 1 फरवरी 1917 को कश्मीरी पंडित
परिवार में अविभाजित भारत में पंजाब राज्य के सियालकोट में हुआ था। इनका पूरा नाम
अवतार किशन हंगल था। कश्मीरी भाषा में हिरन को हंगल कहते हैं। उन्होंने हिंदी
सिनेमा में कई यादगार रोल अदा किए। वर्ष 1966 में उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम
रखा और 2005 तक 225 फिल्मों में काम किया। राजेश खन्ना के साथ उन्होंने 16 फिल्में
की थी। हंगल साहब उर्दू भाषी थे। उन्हें हिंदी में स्क्रिप्ट पढ़ने में परेशानी
होती थी। इसलिए वे स्क्रिप्ट हमेशा उर्दू भाषा में ही मांगते थे।

इनका बचपन
पेशावर में गुजरा, यहां उन्होंने थिएटर में अभिनय किया। इनके पिता का नाम पंडित हरि
किशन हंगल था। अपने जीवन के शुरूआती दिनों में, जब वे कराची में रहते थे, वहां
उन्होंने टेलरिंग का काम भी किया है। पिता के सेवानिवृत होने के बाद पूरा परिवार
पेशावर से कराची आ गया। 1949 में भारत विभाजन के बाद ए.के. हंगल मुंबई चले गए। 21
की उम्र में 20 रूपये लेकर पहली बार मुंबई आए थे। इसके बाद बलराज साहनी और कैफी
आजमी के साथ थिएटर ग्रुप आईपीटीए के साथ जुड़े थे।

उन्होंने इप्टा से जुड़
कर अपने नाटकों के मंचन के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना जगाई। हंगल साहब पेंटिंग भी
करते थे। उन्होंने किशोर उम्र में ही एक उदास स्त्री का स्केच बनाया था और उसका नाम
दिया चिंता। वे हमेशा अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने नाटक को अहमियत देते थे और मानते
थे कि जिंदगी का मतलब सिर्फ अपने बारे में सोचना नहीं है। वे हमेशा कहते थे कि चाहे
कुछ भी हो जाये, "मैं एहसान-फरामोश और मतलबी नहीं बन सकता।
Published on:
25 Aug 2015 09:37 pm
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