केन्द्र सरकार सरकार ने खाद्य तेल पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है, जिससे घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में उछाल आया है। बाजार में खाद्य तेल की कीमतों में लगभग 10 से 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
धौलपुर. केन्द्र सरकार सरकार ने खाद्य तेल पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है, जिससे घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में उछाल आया है। बाजार में खाद्य तेल की कीमतों में लगभग 10 से 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी पाम और सोयाबीन के तेल पर हुई है। सरकार ने रिफाइंड तेल पर सीमा शुल्क को 12.5 से बढ़ाकर 32.5 प्रतिशत कर दिया है। त्योहारी सीजन में यह तेजी 20 रुपए प्रति लीटर या इससे अधिक भी पहुंच सकती है। जिससे महंगाई का असर घर की रसोई पर पड़ेगा। अब आम आदमी की जेब भी पहले से अधिक ढ़ीली होगी। वहीं सरसों तेल भी महंगा हो गया है।शहर के किराना बाजार में रिफाइंड और सरसों के अलावा अन्य खाद्य तेलों पर 10 से 15 रुपए प्रति लीटर किलो की महंगाई हो गई है। व्यापारियों के अनुसार सरकार ने पाम, सोया और सूरजमुखी तेल पर सीमा शुल्क 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 27.5 प्रतिशत कर दिया है। जबकि रिफाइंड पर यह शुल्क 13.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 35.75 प्रतिशत कर दिया है। शुल्क में उछाल हुई तो बाजार में आने वाली चीजें अपने आम महंगी हो गई। इसी वजह से खाद्य तेलों पर महंगाई आ गई है। इसकी वजह वर्षा से सोया, मूंगफली, सरसों आदि की फसल खराब होना बताया गया है। अब जनता की रसोई का बजट बिगड़ेगा। दूसरे खाद्य पदार्थों में कटौती करनी होगी।
सरसों तेल और आटा महंगा
रिफांइड और सोया आयल के साथ ही सरसों का तेल भी महंगा हो गया है। बीते माह यह 130 रुपए किलो था, जबकि अब यह 140 रुपए किलो हो गया है। सीलबंद बोतल का सरसों तेल इससे महंगा है। वहीं, पैक बंद आटे पर भी महंगा हो गया है। पांच किलो का जो बैग 150 रुपए में मिलता था, अब वह 160 रुपए का हो गया है।खाद्य तेल दस दिन पहले अबरिफांइड तेल 110 130वनस्पति तेल 115 130सरसों तेल 124 140(रेट प्रतिलीटर -किलो के भाव से है)