खास खबर

फेक न्यूज पर है 30 हजार रिव्यूवर की नजर है

जयपुर आए फेसबुक के भारत एवं दक्षिण एशिया के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर शिवनाथ ठुकराल ने बताया कि चुनाव पर फेसबुक की है खास नजर, 16 भारतीय भाषाओं सहित 50 से अधिक भाषाओं में हर टाइमजोन में होती है कंटेंट की समीक्षा

2 min read
Nov 21, 2018
फेक न्यूज पर है 30 हजार रिव्यूवर की नजर है

जयपुर। लोकतंत्र में फेसबुक का पूर्ण विश्वास है और इसी को लेकर फेसबुक ने कई ठोस कदम उठाए हैं और फेक न्यूज को रोकने के लिए गंभीर है। दुनियाभर में हमने 150 करोड़ फेक प्रोफाइल को हटाया है। फेसबुक ने एक साल में टेक्नॉलोजी पर सबसे ज्यादा निवेश किया है, इसी के कारण अब काफी सुखद बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यह कहना है, जयपुर आए फेसबुक के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर भारत एवं दक्षिण एशिया शिवनाथ ठुकराल का। एसएमएस कन्वेंशन सेंटर में मीडिया से मुखातिब होते हुए शिवनाथ ठुकराल ने कहा कि राजस्थान में चुनाव को लेकर भी फेसबुक की टीम ने काफी तैयारी की है। इसके लिए नए टूल व टीमें तैनात की हैं, जो चुनावों को सुरक्षित करने के लिए इस प्लेटफ ॉर्म पर चौबीस घंटे काम कर रहे हैं। राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां चुनाव हो रहे हैं। इसलिए हमने भ्रामक जानकारी से लडऩे के लिए अपनी कार्ययोजना में पूरा निवेश किया है और इस बात का पूरा प्रयास कर रहे हैं कि चुनाव के लिए सुरक्षित प्रक्रिया की पालन हो।

पॉलिंग डे रिमाइंडर

उन्होंने कहा कि चुनाव के दिन से पूर्व हम पॉलिंग डे रिमाइडर के जरिए लोगों को नई तरह की सर्विस प्रदान कर रहे हैं, जिसके तहत यूजर को न्यूजफीड में सबसे उपर इलेक्शन की डेट नॉटिफिकेशन में मिलेगी। फेसबुक ने झूठी खबरों से निपटने के लिए अपने फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम को बढ़ाया है और 22 देशों में फैक्ट चेकिंग पार्टनर्स के साथ साझेदारी की है। हमने ३० हजार रिव्यूवर को जोड़े हैं, जो १६ भारतीय भाषाओं सहित ५० से अधिक भाषाओं के कंटेंट की हर टाइमजोन समीक्षा करता है। चुनाव के दौरान फेसबुक की टीम्स मुख्यत: सुरक्षा एवं सिक्योरिटी पर केंद्रित हैं, जिनमें चुनावों में हस्तक्षेप, हमारे समुदाय को अभद्र भाषा से बचाने, लोगों को उनकी जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण देना शामिल है।

फेसबुक साइबर सिक्योरिटी गाइड

उन्होंने कहा कि इस बार फेसबुक ने राजनेता और राजनैतिक दलों के लिए 'फेसबुक साइबर सिक्योरिटी गाइड' भी दिया गया है। इसके जरिए पॉलिटिकल पार्टीज हर गलत चीज को आसानी से रोक सकती है, साथ ही फेक न्यूज पर विराम लगा सकती है। प्लेटफॉर्म पर भ्रामक जानकारी की जांच करने के तहत फेसबुक स्वतंत्र फैक्ट चेकर्स के साथ साझेदारी में टूल के रूप में थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग का उपयोग करता है। फेसबुक भारत में फैक्ट-चेकिंग पार्टनर्स के अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।

Published on:
21 Nov 2018 06:28 pm
Also Read
View All