
वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने विलुप्त मेगालोडन शार्क के प्राकृतिक आवास में संरक्षित इसके दांत की खोज की है। अमरीका के व्योमिंग विश्वविद्यालय के जीवाश्म विज्ञानियों को हवाई के पास उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में लगभग 10,000 फीट नीचे एक समुद्री पर्वत पर 35 लाख साल पुराना दांत मिला है। तीन इंच लंबा यह दांत समुद्री गहराई में पाया जाने वाला पहला दांत है क्योंकि ऐसे अधिकांश जीवाश्म समुद्र तल की तलछट से बरामद होते हैं। यह नमूना केवल आंशिक रूप से जीवाश्मीकृत था जिस पर खनिज की हल्की परत थी। वैज्ञानिकों को ऐसा बढ़िया नमूना पहले कभी देखने को नहीं मिला था जिसमें अंदर की इनेमल लेयर और स्पंजी पल्प अभी भी बरकरार था।
अचानक हुई इस जीवाश्म की खोज:
शार्क अपने जीवनकाल में बहुत सारे दांत खो देती हैं लगभग 40,000 तक। ऐसा सिर्फ आज की शार्क में ही नहीं, बल्कि प्राचीन मेगालोडन में भी होता था। लाखों साल पहले समुद्र में मेगालोडन शार्क का राज था। मेगालोडन शार्क 16-18 मीटर होती थीं। यह खोज अचानक हुई जब वैज्ञानिकों ने गहरे समुद्र के भूविज्ञान और जीव विज्ञान को समझने के लिए रोबोट (रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल-आरओवी) से क्षेत्र का सर्वे किया। जैसे ही आरओवी समुद्री पर्वत के पार आया, यह दांत चट्टानों के बीच बिना किसी रुकावट के पड़ा हुआ था।
दांतेदार काटने वाले किनारे थे बरकरार:
व्योमिंग विश्वविद्यालय के जीवाश्म विज्ञानी टायलर ग्रीनफील्ड के अनुसार यहां समुद्र तल के ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लंबे समय तक बहुत कम या कोई तलछट जमा नहीं होती। आशंका रहती है कि शार्क के दांत वहां घिस जाएं लेकिन इस मामले में शायद ऐसा नहीं हुआ। इसके दांतेदार काटने वाले किनारे अभी भी बरकरार थे, जिससे पता चलता है कि यह पाए जाने से पहले समुद्र में इधर-उधर नहीं गिरा था। इस दांत ने लाखों साल समुद्र के नीचे एक पहाड़ी पर बिताए हैं, जहां समुद्री लहरें रेत को इसे ढकने से रोकती थीं।
भविष्य के लिए उपयोगी होगी खोज:
वैज्ञानिकों का कहना है कि शोध के निष्कर्ष ऐसी दुर्लभ और महत्त्वपूर्ण खोजों के लिए भविष्य में गहरे समुद्र में अनुसंधान की उपयोगिता को रेखांकित करते हैं। जीवाश्म संबंधी यह खोज जर्नल हिस्टोरिकल बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। इसी साल टाइटैनिक के मलबे से मेगालोडन शार्क के दांतों से बना एक हार भी खोजा गया था। हालांकि विशेष नियमों के तहत इसे स्पर्श नहीं किया जा सका।
समुद्र में राज करती थी मोगालोडन शार्क