
Jaipur Land Rate Hike: राजधानी में रियल एस्टेट बाजार की तेजी अब सरकारी जमीनों के दाम में भी दिखाई देने लगी है। हाल ही में जिला प्रशासन ने डीएलसी दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है, वहीं अब राजस्थान आवासन मंडल ने भी वर्ष 2026-27 के लिए आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत भूमि की नई दरें जारी कर दी हैं। अधिकांश योजनाओं में 8 से 17 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है, जबकि मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर से जुड़ी वाटिका योजना में दरों में 47.20 प्रतिशत का उछाल आया है। विशेषज्ञ इसे बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ती मांग और मेट्रो परियोजना के कारण रियल एस्टेट में आए नए उछाल के संकेत मान रहे हैं। आवासन मंडल की नई दरें यह भी संकेत देती हैं कि शहर के विस्तार वाले क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। लंबे समय तक अपेक्षाकृत कम मांग वाले वाटिका क्षेत्र में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है।
| क्षेत्र | 2026-27 | 2025-26 | बढ़ोतरी (%) |
| प्रताप नगर | 25,900 | 23,850 | 8.60 |
| वाटिका | 10,370 | 7,045 | 47.20 |
| महला | 3,860 | 3,555 | 8.58 |
| मानसरोवर | 44,590 | 41,095 | 8.50 |
| जवाहर नगर | 18,305 | 16,870 | 8.51 |
| मालवीय नगर | 20,500 | 18,890 | 8.52 |
| इंदिरा गांधी नगर | 27,355 | 23,850 | 14.70 |
आवासन मंडल की नई दरें लागू होने के बाद नए भूखंड खरीदना पहले के मुकाबले महंगा हो सकता है। इसका असर मकानों और फ्लैटों की कीमतों पर भी पड़ने की संभावना है, क्योंकि जमीन महंगी होने से निर्माण लागत बढ़ेगी। जिन इलाकों से मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर गुजरने वाला है, वहां जमीन की मांग और तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में निजी कॉलोनाइजर भी अपनी नई और पुरानी परियोजनाओं की कीमतों में बदलाव कर सकते हैं। महला, वाटिका, इंदिरा गांधी नगर और आसपास के विकसित हो रहे क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले समय में इन इलाकों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त और रियल एस्टेट गतिविधियां पहले से ज्यादा तेज हो सकती हैं।
जयपुर के प्रताप नगर में 1.11 लाख, मानसरोवर में 1.91 लाख और इन्दिरा गांधी नगर में 1.17 लाख, अजमेर के नाका मदार में 1.93 लाख रुपए, किशनगढ़-विस्तार में 1.61 लाख रुपए, धोला भाटा में 74530, आना सागर में 73905 और वैशाली नगर में 73905 रुपए दर की गई है। सीकर की शिवसिंहपुरा हाउसिंग स्कीम में 1.20 लाख, जोधपुर की चौपासनी रोड पर 1.13 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है।