31 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan: कोटा, बूंदी और दौसा समेत 8 जिलों में बड़ा बदलाव, सौर ऊर्जा से होगी पानी की सप्लाई, हर महीने बचेंगे ₹184 करोड़

राजस्थान में जलदाय विभाग 201 मेगावाट का मेगा सोलर प्रोजेक्ट शुरू करेगा। पहले चरण में कोटा, बूंदी, दौसा समेत 8 जिलों के बड़े पंपिंग स्टेशनों पर सौर ऊर्जा से पेयजल आपूर्ति होगी। ₹703.5 करोड़ की PPP परियोजना से बिजली बिल में हर महीने करीब ₹184 करोड़ की बचत का अनुमान है।
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Jul 31, 2026

Rajasthan Solar Water Project

राजस्थान में सौर ऊर्जा से होगी पानी की सप्लाई (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

Rajasthan Solar Water Project: जयपुर: प्रदेश में अब पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सौर ऊर्जा से जोड़ने की बड़ी पहल होने जा रही है। जलदाय विभाग के बड़े पंपिंग स्टेशनों के लिए 201 मेगावाट क्षमता के मेगा सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इससे विभाग के बिजली बिल में हर महीने करीब 184 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। यह किसी एक सरकारी विभाग के लिए प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा आधारित प्रोजेक्ट होगा।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जलदाय विभाग के पंपिंग स्टेशन सालाना करीब 350 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हो रही है। बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से पहले चरण में 8 जिलों के बड़े पंपिंग स्टेशनों पर सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके बाद इस मॉडल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 703.5 करोड़ रुपए है। वर्चुअल नेट मीटरिंग के तहत एक-एक मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित होगा, जिन्हें संबंधित सब-स्टेशन से जोड़ा जाएगा।

यह भी करना होगा…

एक कंपनी को अधिकतम 50 मेगावाट का कामः पूरी 201 मेगावाट परियोजना एक ही कंपनी को नहीं मिलेगी। प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए एक कंपनी को अधिकतम 50 मेगावाट क्षमता तक ही कार्य आवंटित होगा।

प्लांट लगाना ही नहीं, उत्पादन भी तयः कंपनी को ऐसा सोलर प्लांट लगाना होगा, जिसका वार्षिक क्षमता उपयोग (सीयूएफ) 17 से 19% के बीच रहे। यानी तय स्तर का बिजली उत्पादन सुनिश्चित करना होगा।

एक जगह बनेगी बिजली, लाभ कई कनेक्शनों कोः परियोजना वर्चुअल नेट मीटरिंग मॉडल पर आधारित है। एक स्थान पर बने सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली का लाभ विभाग के कई अलग-अलग बिजली कनेक्शनों को मिलेगा।

अभी यहां लगेंगे प्लांट

क्रमांकजिलासंख्या
1बाड़ां43
2भरतपुर31
3बूंदी13
4दौसा26
5डूंगरपुर16
6कोटा21
7सवाई माधोपुर27
8टोंक24

निवेश कंपनी का, बिजली लेगा विभाग

यह परियोजना पीपीपी (रेस्को) मॉडल पर होगी। यानी प्लांट लगाने, उसका पूरा खर्च उठाने, संचालन और 25 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी अनुबंधित कंपनी की होगी। जलदाय विभाग को प्लांट लगाने में कोई निवेश नहीं करना होगा।

विभाग केवल सोलर प्लांट से मिलने वाली बिजली का भुगतान करेगा। अनुबंध होने के 9 महीने के भीतर कार्य पूरा होगा। प्लांट लगाने के लिए सरकार को पूंजी निवेश नहीं करना होगा, बल्कि निजी कंपनी अपने खर्च पर प्लांट लगाएगी। सरकार केवल उपयोग की गई बिजली का भुगतान करेगी।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग