विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जलदाय विभाग के पंपिंग स्टेशन सालाना करीब 350 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हो रही है। बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से पहले चरण में 8 जिलों के बड़े पंपिंग स्टेशनों पर सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके बाद इस मॉडल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 703.5 करोड़ रुपए है। वर्चुअल नेट मीटरिंग के तहत एक-एक मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित होगा, जिन्हें संबंधित सब-स्टेशन से जोड़ा जाएगा।