कोटा दौसा मेगा स्टेट हाइवे पर बेसहारा पशुओं की भरमार हो गई। गाय, नंदी सड़कों में घुम रहे हैं। वाहनों की चपेट में आने से वह भी मर रहे हैं और वाहन चालक भी काल के मुंह में समा रहे हैं।
केशवरायपाटन. कोटा दौसा मेगा स्टेट हाइवे पर बेसहारा पशुओं की भरमार हो गई। गाय, नंदी सड़कों में घुम रहे हैं। वाहनों की चपेट में आने से वह भी मर रहे हैं और वाहन चालक भी काल के मुंह में समा रहे हैं। वैसे तो सड़कों में साल भर पशु रहते हैं, लेकिन बारिश में इनकी संख्या बढ़ जाती है। हाइवे में सड़क में बड़े वाहनों की टक्कर में एक दर्जन से अधिक गाय, बछड़े, नंदी मर चुके हैं।
आधा दर्जन वाहन चालक पशुओं की टक्कर से घायल हो गए। एक माह में तीन जनों की मृत्यु पशुओं से टक्करा कर हो गई हैं। अधिकांश दुर्घटना रात के अंधेरे में हो रही है। रात के समय पशुओं से टकराने की घटनाएं अधिक हो रही है। इन पशुओं का कोई धणी धोरी नहीं है। गोशाला में इनको स्थान नहीं मिल रहा है। प्रशासन के पास भी इनके लिए व्यवस्था नहीं है। हाइवे में पशु भी मर रहे हैं और वाहन चालक की भी मौत हो रही है।