
नई दिल्ली | स्मॉग से दिल्ली का दम घुट रहा है। इससे बचने के लिए तरह-तरह के उपाय सुझाए जा रहे हैं। राजधानी में प्रदूषण का स्तर तीन साल में सबसे ज्यादा है। आपको बता दें, सिर्फ दिल्ली ही नहीं दुनिया भर के कई बड़े शहर भी ऐसे हालात का सामना कर रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट पर नजर डालें तो, दुनिया के शहरी इलाकों के 80 फीसदी हिस्से में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा है। आइए दुनिया के कुछ ऐसे शहरों पर नजर डालें, जो समॉग की समस्या से जूझ रहे हैं।
बीजिंग, चाइना : सर्दियों में खतरनाक स्मॉग
दुनिया के नक्शे पर आर्थिक तौर पर भले ही बढ़ रहा हो, लेकिन सर्दियों में चाइना के ये शहर खतरनाक स्तर के स्मॉग का सामना करता है। ऐसे में सरकार लोगों को घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर देती है।
काइरो, इजिप्त : सबसे ज्यादा सांस की बीमारियां
इस शहर की हवा का स्तर इतना खराब है कि ज्यादातर लोग सांस की बीमारियों के साथ-साथ फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। शहर में बढ़ रहे ट्रैफिक और उद्योगों में वृद्धि यहां स्मॉग का कारण बनने हैं।
मैक्सीको सिटी, मैक्सीको : काफी हद तक काबू पाया
अपनी भूगौलिक स्थिति के कारण मैक्सीको सिटी स्मॉग से परेशान रहता है। दरअसल, ये शहर तीन तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां की हवा में ज्यादा मात्रा में सल्फरडाईऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन होने के कारण इसे दुनिया के सबसे प्रदूषित हवा वाले शहर के रूप में जाना जाता है। हालांकि मजबूत यातायात प्रबंधन नियमों के कारण ये शहर स्मॉग जैसी समस्या पर काबू पा रहा है।
मॉस्को, रूस: हवाएं कर देती हैं हवा को साफ
स्मॉग की समस्या से रूस का मॉस्को भी परेशान है। हालांकि यहां की हवा दिल्ली जैसी नहीं, पर इसमें बड़ी मात्रा में हाइड्रोकार्बन पाए जाते हैं। हालांकि मास्को बहने वाली हवाएं जल्दी ही स्मॉग की समस्या को दूर कर देती हैं।
उलान बातोर, मंगोलिया : कोयला और लकड़ी जलाना बड़ा कारण
यह शहर दुनिया के सबसे ठंडे शहरों में है। सर्दियों के दिनों में सर्दी से बचने के लिए घरों में भी कोयला और लकड़ी जलाई जाती है, जो शहर में फैली स्मॉग में 70 फीसदी तक वृदि कर देती है।
अह्वाज, ईरान : हैवी इंडस्ट्री के कारण होता है स्मॉग
ईरान का ये शहर भी तब चर्चा में आया, जब यहां स्मॉग होना शुरू हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन की हवा में सबसे ज्यादा प्रदूशण वाले शहरों की सूची में ये शहर शुमार है। शहर में स्मॉग का कारण यहां पर बड़ी संख्या में हैवी इंडस्ट्री का होना है। इस इंडस्ट्री में तेल, धातु तथा गैसों का उपयोग किया जाता है और ये भारी मात्रा में जहरीले कण हवा में छोड़ती हैं।
लाहौर, पाकिस्तान : बड़ा कारण वाहनों का धुंआ और कूड़ा
पाकिस्तान के इस दूसरे बड़े शहर को भी स्मॉग की समस्या से जूझना पड़ता है। स्मॉग का बड़ा कारण यहां पर बढ़ती वाहनों की संख्या और कूड़ा जलाना है। शहर में जगह-जगह फैला कचरा भी इसमें वृद्धि करता है।
रियाद, साउदी अरब : भारी उद्योग हैं स्मॉग का कारण
इस शहर को भी स्मॉग की समस्या से दो चार होना पड़ता है। यहां पर स्मॉग का कारण भारी उद्योगों और वाहनों से निकलने वाला धुआं है।