
लाठी क्षेत्र के खेतोलाई गांव के पास मंगलवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -11 पर अचानक सामने आई गाय को बचाने के प्रयास में जोधपुर के पुलिसकर्मियों की कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलटी खा गई। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में कार सवार दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। जैसलमेर में वीआइपी मूवमेंट के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जोधपुर पुलिस के जवान तैनात थे। मंगलवार देर रात ड्यूटी पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी कार से जैसलमेर से लाठी होते हुए जोधपुर लौट रहे थे। इसी दौरान खेतोलाई गांव के पास अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने कार को मोड़ा, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और पलटी खा गया। हादसे में पुलिसकर्मी रघुनाथ (37) और पुनाराम (32) गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों जवानों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला और उपचार के लिए पोकरण चिकित्सालय पहुंचाया।पोकरण चिकित्सालय में चिकित्सकों ने दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया।
लाठी क्षेत्र के खेतोलाई गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर बुधवार सुबह सड़क पार कर रही गाय कार की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाय उछलकर सड़क से दूर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कार में सवार पर्यटकों को चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया। कार में सवार पर्यटक पोकरण से जैसलमेर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान खेतोलाई गांव के पास अचानक एक गाय सड़क पार करने लगी और कार के सामने आ गई। चालक ने गाय को बचाने का प्रयास किया, लेकिन कार उससे टकरा गई। टक्कर के बाद गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए।
हादसे की सूचना मिलने पर गोरक्षक नीम्बाराम विश्नोई, भादरिया गोशाला से गोपालसिंह भाटी सहित अन्य जन मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल गाय को संभाला और उपचार के लिए भादरिया गोशाला पहुंचाया। वहां गाय का उपचार किया जा रहा है और उसकी देखरेख की जा रही है।हाईवे पर बेसहारा गोवंश से हादसों का खतराराष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर जगह-जगह विचरण करता बेसहारा गोवंश वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। अचानक सड़क पर आने वाले पशुओं के कारण तेज रफ्तार वाहनों के हादसाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में हाईवे पर गोवंश की आवाजाही रोकने, पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी इंतजाम करना जरूरी है।