
बसेड़ी. नगर निकाय चुनाव 2026 अध्यक्ष के चुनाव को लेकर विधिवत राघवेंद्र जाटव नगर पालिका को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने यहां अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं किया। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा के 8-8 प्रत्याशी जीते थे और 9 निर्दलीय रहे। निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने निर्वाचित प्रमाण पत्र देते हुए पद की शपथ दिलाई।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष जाटव ने कहा कि नगर पालिका में सफाई पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाएगा। बसेड़ी को स्वच्छ बनाने में आराघवेंद्र जाटव नगर पालिका को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने यहां अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं किया। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा के 8-8 प्रत्याशी जीते थे और 9 निर्दलीय रहे। निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने निर्वाचित प्रमाण पत्र देते हुए पद की शपथ दिलाई।मजन के सहयोग लेंगे। आम आदमी के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण करने का काम कराया जाएगा। सरकार की योजनाओं को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रयास करुंगा। साथ ही उन्होंने अध्यक्ष बनने के बाद अपने समर्थकों और बीजेपी का कार्यकर्ता तथा पार्षदों का आभार जताया। बाद में अपने समर्थकों के साथ बाजार में निकले राघवेंद्र का दुकानदार और समर्थकों ने स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत एवं पूर्व विधायक सुखराम कोली, अध्यक्ष के पिता छितरीया लाल जाटव, सुरेश कौशिक, लोकेंद्र सिंह परमार, भानु, हरि सिंह परमार, प्रताप सिंह परमार, बृजराज सिंह परमार, कविंद्र परमार, पप्पू परमार, भानु प्रताप सिंह परमार, बनवारी जाटव, प्रेम सिंह, लल्लू सिंह परमार, मनोज सिंह परमार सहित के साथ बड़ी संख्या में समर्थन एवं कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष के वार्ड से चेयरमैन
भाजपा के जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत के वार्ड से ही नगर पालिका के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह को पार्षद पद के लिए पहले चुना गया। खास बात यह रही कि इस वार्ड संख्या 18 से मात्र आठ मतों से ही राघवेंद्र जीते और अब वह निर्विरोध अध्यक्ष बने।
सबसे कम उम्र की पार्षद प्रीति
वहीं, बसेड़ी के वार्ड संख्या 10 से पार्षद बनी प्रीति कुशवाहा अविवाहित हैं, जिनकी उम्र 23 साल है। उन्होंने बताया कि वह विकास के लिए काम करेंगे। गली और गांव को स्वच्छ रखेंगे और पक्की सडक़ और पानी के निकासी की व्यवस्था प्राथमिकता होगी।
राजनीति में स्थाई कुछ भी नहीं...
राजनीति में स्थायी दोस्त और स्थाई दुश्मन नहीं होते यह बात यहां पर साबित होती है। विधानसभा चुनाव 2018 में छितरिया लाल जाटव बीजेपी की टिकट से में चुनाव लड़े, टिकट कटा तो पूर्व विधायक सुखराम कोली नाराज हुए और छितरिया लाल को हारने के लिए निर्दलीय खड़े हुए और भाजपा की टिकट हार गई,। वहीं आज सुखराम कोली छितरिया लाल जाटव के पुत्र राघवेंद्र को अध्यक्ष बनाने को लेकर जोश से पीछे खड़े दिखे। उन्होंने बताया कि उनको इस बात को लेकर काफी खुश ी है, एक समय था जब वह राघवेंद्र के पिताजी को हराने के लिए खड़ा हुआ था। आज बेटे राघवेंद्र को अध्यक्ष बनाने में खुशी महसूस हो रही है।