तेजस्वी का कहना था कि वो शादी को तैयार है बस शर्त ये है कि उनके बड़े भाइयों की शादी पहले हो।
नई दिल्ली:राहुल गांधी की शादी के बाद अगर राजनीति के गलियारों में किसी के घोड़ी चढ़ने का इंतजार है तो वो है लालू यादव के अनमोल रतन तेजस्वी और तेज प्रताप।हाल ही में जब तेजस्वी से उनके शादी के प्लान के बारे में पूछा गया, तो तेजस्वी का कहना था कि वो शादी को तैयार है बस शर्त ये है कि उनके बड़े भाइयों की शादी पहले हो। और उनके भाइयों की लिस्ट लंबी है क्योंकि इसमें सिर्फ तेज नहीं बल्कि चिराग पासवान और निशांत कुमार भी आते हैं।
तेजस्वी की बात सुनकर अच्छा लगा कि चलो कम से कम उनकी शर्त पूरी होने लायक है, लेकिन तेजस्वी की मां राबड़ी देवी की शर्त याद आने पर तेजस्वी का अपने भाइयों को दूल्हा बनाने का ख्वाब मुश्किल नजर आता है क्योंकि राबड़ी से जब पिछली बार उनकी बहू के बारे में सवाल किया गया था, तब उन्होने कहा था कि वो सिर्फ उन्हीं लड़कियों को अपने घर की बहू बनाएंगी जो सिनेमा हाल और मॉल से दूर रहती हों।
राबड़ी ने साफतौर पर कहा था कि चूंकि वो खुद धार्मिक विचारों वाली महिला हैं, इसलिए उन्हें अपने घर के लिए अच्छे संस्कारों वाली लड़की चाहिए। राबड़ी जी चाहती हैं कि उनकी बहू घर के बड़ों का सम्मान करे, घर चलाए।इस तरह की लड़की की ख्वाहिश रखने में कोई बुराई नहीं है।बुराई है तो उनकी सोच में जो ये सोचती हैं कि मॉल जाने वाली लड़कियां संस्कारी नहीं होती या वो अपने परिवार का ख्याल नही रख सकती।
आजकल के जमाने में शायद ही कोई लड़की हो जो मॉल न जाती हो भले ही वो नौकरी करे या घर में रहे। मॉल जाने वाली लड़कियां सिर्फ मनोरंजन के लिए बाहर नहीं जाती बल्कि अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए, घर का राशन खरीदने, पति और बच्चों के कपड़े खरीदने के लिए भी मॉल जाती हैं।ऐसे हालात में राबड़ी जी को बहू मिलना थोड़ा मुश्किल है।
खैर हम तो बस यही कहना चाहेंगे कि तेजस्वी, भाइयों की शादी का सपना संजोने से पहले अपनी माता जी के विचारों को बदलने की कोशिश कीजिए।जब तक वो संस्कारों की अपनी परिभाषा नहीं बदलती , आपके लिए अपने ब्रदर की दुल्हन ढूंढना नामुमकिन है।