खास खबर

न्यायाधीश की टिप्पणी-बलात्कार ताउम्र पीड़िता के मानसिक पटल पर रहेगा, नरमी नहीं बरत सकते

नाबालिग से बलात्कार के अभियुक्त को 20 साल के कठोर कारावास की सजा

less than 1 minute read
Feb 18, 2026
9 साल की बच्ची से दुष्कर्म! आरोपी ने दी थी जान से मारने की धमकी, मिली 20 साल का सश्रम कारावास(photo-patrika)

अलवर.विशिष्ट न्यायालय पोक्सो नंबर-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने 17 साल की नाबालिग बालिका से बलात्कार के अभियुक्त राजेश को 20 साल के कठोर कारावास की सजा से दण्डित किया। अभियुक्त को 3 लाख 30 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दण्डित किया है। न्यायालय द्वारा पीड़िता को प्रतिकर योजना के तहत 1 लाख रुपए प्रतिकर दिलवाने के लिए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर को अनुशंसा की गई।
आरोपी के अधिवक्ता ने सजा में नरमी बरतते हुए कम सजा से दंडित का निवेदन किया। इस पर न्यायाधीश शिल्पा समीर ने कहा कि आरोपी द्वारा नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर बार-बार बलात्कार कर उसके शरीर ही नहीं उसकी भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ किया है। जिसका प्रभाव ताउम्र पीड़िता के मानसिक पटल पर रहेगा। सजा में नरमी बरती तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
यह था मामला
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव ने बताया कि पीड़िता 17 अक्टूबर, 2024 को अलवर शहर के एक पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई की मुल्जिम राजेश ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौन शोषण किया, जिस पर बाद अनुसंधान पुलिस अधिकारी रामेश्वरलाल ने न्यायालय में आरोपी राजेश के विरुद्ध चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह और 22 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष के साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी राजेश के विरुद्ध अपराध प्रमाणित होने पर यह सजा सुनाई है।

Published on:
18 Feb 2026 11:03 am
Also Read
View All

अगली खबर