शहर के लाखेरी बस स्टैंड के समीप स्थित महेश सागर तालाब प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रहा है। कुछ वर्षों पूर्व तक तालाब में बारह माह पानी भरा रहता था। आस पास के बस्ती निवासी इसी तालाब पर नहाने आते थे, वहीं बच्चे इसी तालाब में तैरना सीखा करते थे।
लाखेरी. शहर के लाखेरी बस स्टैंड के समीप स्थित महेश सागर तालाब प्रशासन की अनदेखी का शिकार हो रहा है। कुछ वर्षों पूर्व तक तालाब में बारह माह पानी भरा रहता था। आस पास के बस्ती निवासी इसी तालाब पर नहाने आते थे, वहीं बच्चे इसी तालाब में तैरना सीखा करते थे। तालाब में पानी भरे रहने से शहर का भू जल स्तर भी बना रहता था।
वहीं तालाब सीमेन्ट उद्योग की मनमानी तथा प्रशासन की लापरवाही का शिकार हो रहा है। तालाब में आने वाले पानी की आवक के रास्तों को बंद कर उस स्थान पर अवैध खनन कर गहरी खाई खोद दी, जिससे बारिश का पानी तालाब में नहीं आता, जिससे कारण बारिश के दौरान भी तालाब खाली ही रहता है। इस बारे में शहर के लोगों ने कई बार उपखंड प्रशासन तथा जिला प्रशासन को लिखित में ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
लगातार गिर रहा भू जल स्तर
तालाब में पानी सूखने के कारण शहर का भू जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है वहीं तालाब के आस पास की भूमि पर लगातार कब्जे होते जा रहे है।