बीसलपुर बांध में आया पानी
जयपुर. राजस्थान में मानसून सक्रिय होने के साथ ही झमाझम बारिश का दौर चल रहा है। पिछले २४ घंटे में प्रदेश के चार जिलों को मेघों ने जमकर तर कर दिया। टोंक जिले में सर्वाधिक बारिश हुई वहीं जयपुर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने पर मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने कल से दो दिन बारिश की गतिविधियां थोड़ी धीमी पडऩे व १० जुलाई से फिर मौसम तंत्र सक्रिय होने पर कई जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद जताई है। प्रदेश में १० से १५ जुलाई तक मेघ एक बार फिर मेहरबान होंगे।
पिछले चौबीस घंटे में टोंक, सवाई माधोपुर, केकड़ी, कोटा, करौली, डीडवाना, बूंदी और बारां जिले में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश का दौर रहा। टोंक 137 देवली 162, मालपुरा 144, पीपलू 142, बीसलपुर बांध 141, अलीगढ 130, नासिरदा 125, पनवार सागर 125, दूनी 123, टोरडीसागर 122 और पीपलू में 120 मिमी बारिश मापी गई।
जयपुर शहर में सुबह 8.30 बजे तक 21 मिमी बारिश हुई। शहर में रात से बादल छाए रहे और सूर्यदेव भी बादलों की ओट में छिपे रहे जिसके चलते शहरवासियों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार आज अलवर, बारां, दौसा, भरतपुर, करौली जिले में कहीं कहीं भारी बारिश के एक दो दौर चलने की संभावना है। वहीं बांसवाड़ा, भीलवाडा, चित्तौडग़ढ़, जयपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिले में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बीसलपुर बांध में दो माह जलापूर्ति लायक पानी आया
जयपुर, टोंक, दौसा और अजमेर जिले की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध से इस बार समय से पहले ही खुश खबर दी है। बांध में सामान्यतया अगस्त माह से पानी की आवक शुरू होती है, लेकिन पिछले 24 घंटे में बांध के कैचमेंट एरिया में हुई करीब छह इंच बारिश ने बांध में दो महीने जलापूर्ति लायक पानी के कोटे का इंतजाम कर दिया है। पिछले 24 घंटे में बांध का जलस्तर 52 सेंटीमीटर बढक़र सुबह 6 बजे तक 310.15 आरएल मीटर पहुंच गया है। मालूम हो बांध की कुल जलभराव क्षमता ३१५.५० आरएल मीटर है और अभी मानसून की शुरूआत भर है। वहीं आगामी दिनों में बनास नदी से बांध में पानी की बंपर आवक होने पर बांध ओवरफ्लो होने की उम्मीद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जताई है।
हाडौती अंचल में झमाझम
कोटा जिले में भी मेघ जमकर मेहरबान हुए। जिले में इटावा स्टेट हाईवे 70 बाधित रहा। खातोली पार्वती नदी के पुल पर दो फीट चादर चली। बारिश से कोटा-श्योपुर, ग्वालियर मार्ग बाधित हो गया जिसके चलते प्रदेश का मध्य प्रदेश से संपर्क कट गया है। पानी की आवक तेज होने पर चंबल, कालीसिंध नदी में भी पानी का बहाव तेज हो गया है।