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Cyber Security: राजस्थान में साइबर सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत, बनेगा R4C सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

Digital Safety: साइबर अपराध रोकने में फर्स्ट रिस्पॉन्स सबसे अहम। 1930 हेल्पलाइन ऑपरेटर्स को मिला विशेष प्रशिक्षण, तेज होगी पीड़ितों को राहत।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jan 12, 2026

cyber security

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Cyber Crime: जयपुर. राजस्थान को साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में देश का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय में राजस्थान पुलिस एवं साइबरपीस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन ऑपरेटर्स की दो दिवसीय फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स वर्कशॉप का समापन उत्साह और नए संकल्पों के साथ हुआ। कार्यशाला के समापन अवसर पर महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए “फर्स्ट रिस्पॉन्स” सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, क्योंकि शुरुआती कुछ मिनट और घंटे ही पीड़ित को राहत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

डीजीपी शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा साझा करते हुए बताया कि केंद्र के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की तर्ज पर राजस्थान में राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) की स्थापना की जाएगी। इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से प्रदेश के सभी जिलों के बीच सूचना साझा करने, अनुसंधान और तकनीकी सहयोग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा। इससे साइबर अपराधों की जांच अधिक तेज, सटीक और प्रभावी हो सकेगी।

उन्होंने 1930 हेल्पलाइन ऑपरेटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि शिकायतों को अटेंड करना अब केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक “आर्ट” और बड़ी जिम्मेदारी है। ऑपरेटर की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और त्वरित निर्णय क्षमता यह तय करती है कि पीड़ित का नुकसान कितनी जल्दी रोका जा सकता है।

📊 साइबर सुरक्षा पहल-सारणी

क्रमांकश्रेणीप्रमुख बिंदु
1R4C की खासियतें•R4C की तर्ज पर राज्य स्तरीय साइबर समन्वय केंद्र
• सभी जिलों के बीच तेज सूचना साझाकरण व्यवस्था
• अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग का प्रमुख हब
• साइबर अपराध नियंत्रण हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
21930 हेल्पलाइन की भूमिका• शिकायत दर्ज होते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित
• गोल्डन ऑवर में पीड़ित की राशि फ्रीज करने की प्रक्रिया
• पीड़ित को तत्काल मार्गदर्शन एवं सहायता
• संवेदनशील संवाद और सही निर्णय पर विशेष जोर
3कार्यशाला के मुख्य बिंदु• फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग व निवेश घोटालों पर विशेष प्रशिक्षण
• आधुनिक डिजिटल टूल्स एवं केस मैनेजमेंट की जानकारी
• मानवीय दृष्टिकोण और क्षमता वर्धन पर फोकस
• उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का सम्मान