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दुनिया का ‘सबसे पुराना बच्चा’ 30 साल पुराने भ्रूण से पैदा हुआ

अमरीका के ओहायो में जन्मा बच्चा 1994 में जमा किए गए भ्रूण से हुआ जन्म
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Aug 02, 2025
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जयपुर। अमरीका के ओहायो राज्य में एक ऐसा बच्चा पैदा हुआ है, जिसे दुनिया का 'सबसे पुराना बच्चा' कहा जा रहा है। यह बच्चा एक ऐसे भ्रूण से जन्मा है जिसे करीब 30 साल पहले यानी 1994 में फ्रीज़ (जमा) किया गया था। 26 जुलाई को थैडियस डेनियल पियर्स नाम के इस बच्चे का जन्म लिंडसे और टिम पियर्स नामक दंपती के घर हुआ। इस दंपती ने यह भ्रूण ‘गोद’ लिया था। यह भ्रूण 62 साल की लिंडा आर्चर्ड से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने 1990 के दशक में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आइवीएफ) का सहारा लिया था।

आइवीएफ के जरिए बनाए गए चार भ्रूण

लिंडा और उनके पति ने 1994 में आइवीएफ के जरिए गर्भधारण की कोशिश की, जिससे चार भ्रूण बने। इनमें से एक भ्रूण लिंडा के गर्भ में डाला गया जिससे उनकी बेटी पैदा हुई, जो अब 30 साल की है और एक 10 साल के बच्चे की मां भी है। बाकी तीन भ्रूणों को फ्रीज़ करके सुरक्षित रख दिया गया था।

“कोई रिकॉर्ड नहीं तोड़ना था, बस बच्चा चाहिए था”

लिंडसे ने कहा, “हमने यह सोचकर यह कदम नहीं उठाया था कि कोई रिकॉर्ड तोड़ेंगे। हम तो बस एक बच्चा चाहते थे।”

आइवीएफएक ऐसी तकनीक है जिसमें महिला के अंडाणु को पुरुष के शुक्राणु से लैब में मिलाया जाता है और फिर उसे गर्भ में डाला जाता है। इन भ्रूणों को बाद में उपयोग के लिए फ्रीज़ करके सुरक्षित भी रखा जा सकता है।

भ्रूण गोद लेने की प्रक्रिया

पति से तलाक के बाद लिंडा को उन बचे हुए भ्रूणों की कस्टडी (अधिकार) मिल गई थी। बाद में उन्हें भ्रूण "गोद लेने" की प्रक्रिया के बारे में पता चला, जिसमें दाता और लेने वाले दोनों को यह तय करने का अधिकार होता है कि भ्रूण किसे दिया जाए।

लिंडा चाहती थीं कि उनका भ्रूण किसी गोरे, ईसाई, और विवाहित जोड़े को दिया जाए। इसी वजह से पियर्स दंपती को यह भ्रूण मिला।

जन्म के बाद के पल

लिंडसे ने बताया, “जन्म थोड़ा मुश्किल था, लेकिन अब हम दोनों ठीक हैं। वह (बच्चा) बहुत शांत स्वभाव का है। हमें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि हमारे पास यह अनमोल बच्चा है।”

लिंडा ने कहा, “जब लिंडसे ने बच्चे की तस्वीर भेजी तो मुझे पहली नजर में ही लगा कि वह मेरी बेटी की तरह दिखता है जब वह बच्ची थी। मैंने अपनी बेटी की बचपन की तस्वीरें निकालीं और दोनों को साथ रखा—साफ दिख रहा था कि वे भाई-बहन हैं।”

“हर भ्रूण को जीवन का अवसर मिलना चाहिए”

जिस क्लिनिक में भ्रूण स्थानांतरित किया गया, उसके संचालक डॉ. जॉन गॉर्डन मानते हैं कि फ्रीज़ किए गए भ्रूणों की संख्या कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे कुछ धार्मिक सिद्धांत हैं, और उनमें से एक यह है कि हर भ्रूण को जीवन का अवसर मिलना चाहिए। केवल वही भ्रूण स्वस्थ बच्चा नहीं बन सकता जिसे गर्भ में स्थानांतरित करने का मौका ही न दिया जाए।”

आइवीएफ का बढ़ता चलन

यूके में आइवीएफ से होने वाले जन्मों की संख्या 2000 में 1.3% थी जो 2023 में बढ़कर 3.1% हो गई, यानी हर 32 में से एक बच्चा आइवीएफ से पैदा हो रहा है। 40 से 44 वर्ष की महिलाओं में यह आंकड़ा 11% तक पहुंच गया है, जो 2000 में सिर्फ 4% था। अमेरिका में लगभग 2% बच्चे आइवीएफ के जरिए जन्म लेते हैं।

Updated on:
02 Aug 2025 05:49 pm
Published on:
02 Aug 2025 05:49 pm
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