Chess News: World Chess Federation ने दुनिया के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्सन कार्लसन द्वारा आयोजित की जा रही शतरंज विश्व चैंपियनशिप में खिलाड़ियों को शिरकत न करने का आग्रह किया है।
फरवरी में निर्धारित होने वाली शतरंज विश्व चैंपियनशिप की शुरुआत होगी या नहीं, इसका फैसला अभी भी अधर में है। अंतरराष्ट्रीय चेस फेडरेशन ने नई लीग को समर्थन देने से साफ इंकार कर दिया है। दुनिया के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्सन कार्लसन का अंतरराष्ट्रीय चेस फेडरेशन (FIDE-Federation Internationale des Echecs, known as World Chess Federation) के साथ विवाद बढ़ गया है। कार्लसन ने पिछले साल मार्च में जॉन हेनरिक ब्यूटनर के साथ मिलकर फ्रीस्टाइल शतरंज प्लेयर्स क्लब की स्थापना की थी। इसके बाद हाल में कार्लसन ने फ्रीस्टाइल शतरंज विश्व चैंपियनशिप की घोषणा की है, जो फरवरी 2025 से शुरू होगी। लेकिन विश्व चैंपियनशिप शब्द को लेकर फिडे को ऐतराज है और इसपर कार्लसन ने नाराजगी जताई है।
फिडे ने खिलाड़ियों से आग्रह किया है कि वे ऐसी किसी भी विश्व चैंपियनशिप में शिरकत नहीं करें, जिसे उसने मान्यता नहीं दी है। इसके बाद, फिडे उपाध्यक्ष और भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने फ्रीस्टाइल चेस ग्रैंड स्लेम टूर इवेंट से अपना नाम वापस ले लिया है।
फिडे द्वारा खिलाडिय़ों को रोके जाने और विश्व चैंपियनशिप पर आपत्ति जताने पर ब्यूटनर ने फिडे के सीईओ एमिल सुतोव्स्की को एक खुला पत्र लिखा है, जिसका कार्लसन ने समर्थन किया है। इस पत्र में ब्यूटनर ने फिडे को लालची कहा है। ब्यूटनर ने लिखा, यदि फिडे को वास्तव में विश्व चैंपियनशिप शब्द पर ऐतराज है तो डिंग लिरेन जैसे खिलाडिय़ों को बगहाउस वल्र्ड चैंपियनशिप में भाग लेने की मंजूरी क्यों दी गई। इस विवाद के पीछे फिडे का मकसद सिर्फ पैसा है। ब्यूटनर के पत्र का जबाव देते हुए फिडे के सीओए सुतोव्सकी ने कहा, हम किसी भी निजी प्रोजेक्ट के साथ काम करने को तैयार हैं, लेकिन यदि आप वॉर चाहते है तो कोशिश कर लीजिए।