
श्रीगंगानगर-अनूपगढ़ सहित प्रदेश के स्कूलों में बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले हिन्दी विषय की पढ़ाई करवाने के लिए स्कूल शिक्षा में 1199 प्राध्यापक की नियुक्ति कर दी गई है। इससे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि प्राध्यापकों की दो से पांच जनवरी 2024 तक शिक्षा निदेशालय स्तर पर 1408 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कर विद्यालय आवंटन किया गया था जबकि इनकी नियुक्ति में देरी की जा रही थी। निदेशालय ने अब प्रदेशभर में 1199 हिंदी प्राध्यापकों की नियुक्ति कर दी है। राज्य के स्कूलों में हिंदी प्राध्यापकों के 3610 पद रिक्त चल रहे हैं। नई भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के बावजूद कुछ पद रिक्त रहेंगे। इसका मुख्य कारण है कि पिछले तीन साल से हिंदी प्राध्यापकों की डीपीसी नहीं होना है।
श्रीगंगानगर-अनूपगढ़ सहित राज्य भर में स्कूल शिक्षा के प्राध्यापकों की नियुक्ति के आदेश निदेशालय से जारी हुए हैं। रिक्त पदों पर इनकी नियुक्ति की जा रही है।
वेद प्रकाश जलंधरा, एडीइओ,श्रीगंगानगर।
चुनाव से पहले की जानी थी इनकी नियुक्ति
प्राध्यापकों की नियुक्ति विधानसभा चुनाव से पहले होनी थी,लेकिन चुनाव आचार संहिता लगने के कारण इनका पदस्थापन अटक गया। अब हिन्दी के प्राध्यापक रिक्त पदों पर नियुक्त होने से विद्यार्थियों को लाभ होगा। वे रिवीजन करवाने के साथ ई-वर्क बुक का कार्य करवा सकेंगे।
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बाहरी राज्यों की डिग्री की होगी जांच
राजस्थान से बाहर के राज्यों की डिग्री की जांच की गई। इस कारण इनकी डिग्री का वेरीफिकेशन करने के बाद ही निदेशालय की ओर से नियुक्ति दी जाएगी। प्राध्यापक पदों पर नियुक्त हुए अभ्यर्थियों को 17 फरवरी तक स्कूलों में दस्तावेज पेश कर कार्यग्रहण करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके नियुक्ति आदेश स्वत: ही निरस्त मान लिए जाएंगे। इसके अलावा अभ्यर्थी की ओर से दिए गए दस्तावेज या तथ्य सहीं नहीं होने पर बिना किसी नोटिस के सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी।