
किसानों को रोकती पुलिस। फोटो- पत्रिका
श्रीगंगानगर। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन और अन्य किसान संगठनों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान नई धानमंडी में एकत्रित हुए और करीब दो दर्जन ट्रैक्टरों के साथ ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से महाराजा गंगासिंह चौक पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान किसानों और पुलिस के बीच कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 10 जून से जिला कलक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
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प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब किसान जिला कलक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे और उन्हें रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। किसानों को रोकने के प्रयास में प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी ज्ञानेंद्र स्वयं एक ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई। कुछ देर तक चली तनातनी के बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए।
बाद में किसान नेता संदीप सिंह, अमर सिंह बिश्नोई, रघुवीर ताखर, विनोद जाखड़, सुभाष सगहल, अंग्रेज सिंह, राणा सोढ़ी, गुरलाल सिंह और कश्मीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान बैरिकेडिंग तोड़कर कलक्ट्रेट परिसर पहुंच गए और वहां प्रदर्शन किया। जिला कलक्टर की अनुपस्थिति में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरधर, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) सुभाष कुमार तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर रीना छींपा ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की और उनकी मांगों को सुना।
किसान नेता संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि नई धानमंडी में बारदाना वितरण में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गुणवत्ता निरीक्षक को निलंबित करने की मांग उठाई। इसके साथ ही जिले के लिए गेहूं खरीद लक्ष्य बढ़ाने, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराने तथा खरीद अवधि में विस्तार करने की मांग भी रखी। किसानों का कहना है कि जिले में अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद लंबित है। यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इससे पहले गुरुद्वारा सिंह सभा में आयोजित किसान सभा में वक्ताओं ने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में लगभग 25.25 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ है। इसके मुकाबले खरीद एजेंसियां अब तक केवल 13.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही खरीद पाई हैं। किसानों के अनुसार करीब 40 प्रतिशत गेहूं अभी भी किसानों के घरों और मंडियों में पड़ा हुआ है। किसानों ने बताया कि एमएसपी और बोनस मिलाकर गेहूं का भाव 2735 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि खुले बाजार में उन्हें केवल 2400 से 2500 रुपए प्रति क्विंटल तक का मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल सैकड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से जल्द प्रभावी कदम उठाकर खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है।
Published on:
06 Jun 2026 09:27 pm
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