
श्रीगंगानगर.
बरसाती पानी निकासी योजना के नाम पर दान में मिले दस करोड़ रुपए ब्याज सहित लौटाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ब्यूरो ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में पार्षद पवन गौड़ ने नगरपरिषद आयुक्त सुनीता चौधरी व राज्य सरकार के अधिकारियों के खिलाफ ब्यूरो का शिकायत दी थी।
जयपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक कार्यालय के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (परि.) ने जिला कलक्टर को यह पत्र भेजा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में राज्य सरकार की जनसहभागिता योजना के तहत उद्योगपति बीडी अग्रवाल ने दस करोड़ रुपए की राशि नगरपरिषद को दी थी। इस राशि का उपयोग बारिश के दिनों में जमा होने वाले पानी की निकासी के लिए किया जाना था। योजना में कुल बीस करोड़ रुपए की राशि थी, जिसमें से आधी राशि सरकार को देनी थी। इसी दौरान शहर में सीवरेज कार्य शुरू हुआ तो सरकार ने बरसाती पानी निकासी योजना को सीवरेज प्रोजेक्ट में शामिल कर दिया। इसके बाद उद्योगपति ने यह राशि वापस मांगी। बाद में यह मय ब्याज के राशि लौटा दी गई। ब्याज सहित राशि लौटाने पर पार्षदों ने आक्रोश जताया और पार्षद पवन गौड़ ने अधिकारियों को शिकायत की। इसके बाद एसीबी जयपुर मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी।