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- पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
- कृषि भूमि में असंचिंत से सिंचित भूमि की रिपोर्ट के एवज में मांगी थी दस हजार रुपए की रिश्वत
श्रीगंगानगर.
करीब नौ साल पहले घड़साना क्षेत्र गांव 7 डीओएल बी के पटवारी को रिश्वत लेने के आरोप में अदालत ने दो साल कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। यह निर्णय शनिवार को विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रकरण) रवीन्द्र शर्मा ने सुनाया। अपर लोक अभियोजक पवन जोशी ने बताया कि घड़साना क्षेत्र गांव 7 डीओएल बी निवासी महेन्द्र कुमार पुत्र संतकुमार बिश्नोई ने एक अक्टूबर 2009 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर चौकी में शिकायत दी थी।
इसमें बताया कि रावला क्षेत्र चक 11 केपीडी ढाणी निवासी पृथ्वीराज पुत्र श्रीराम बिश्नोई हल्का पटवारी है, इस पटवारी के पास 9 पीएसडी के अलावा 10 केडी व 7 डीओएल बी का हल्का पटवारी का भी चार्ज है। उसने बताया कि जब उसके पिता संतकुमार ने गांव में ही हरबंसलाल पुत्र ठाकरदास से पच्चीस बीघा भूमि की खरीद की तो इस जमीन के रिकार्ड में नहरी कृषि भूमि की बजाय बारानी भूमि अंकित किया हुआ था। इस संबंध में उन्होंने हल्का पटवारी से रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए भेज दिया।
ऐसे में जब वह अपने पिता के साथ 24 सितम्बर 2009 को हल्का पटवारी पृथ्वीराज के पास पहुंचा तो वहां पटवारी ने दस हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने 8 अक्टूबर 2009 को पटवार घर में इस पटवारी को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते काबू कर लिया था। इसके खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। अदालत ने शनिवार को पटवारी को दोषी मानते हुए दो साल कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।