श्री गंगानगर

बालिका से दुष्कर्म का आरोपी एक दिन के रिमाण्ड पर

गांव तक छोडऩे के लिए अपनी बाइक पर पिता व उसकी आठ वर्षीया पुत्री को बैठाने के बाद बालिका का अपहरण तथा बाद में दुराचार करने के आरोपित
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Updated: 26 Nov 2017, 7:29 AM IST
accused of rape

घड़साना.

गांव तक छोडऩे के लिए अपनी बाइक पर पिता व उसकी आठ वर्षीया पुत्री को बैठाने के बाद बालिका का अपहरण तथा बाद में दुराचार करने के आरोपित दलीप नायक को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। वहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस बीच, पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर खाजूवाला स्थित ईंट भठा से अपहरण में प्रयुक्त बाइक व नारूवाली ढाणी स्थित आरोपित दलीप के आवास से वारदात के दौरान पहने हुए काले रंग के वस्त्र भी बरामद कर लिए हैं।

थानाधिकारी विक्रम चौहान तथा अन्य पुलिस कर्मियों ने आरोपित दलीप कुमार नायक को बापर्दा श्रीगंगानगर स्थित सैशन न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने एक दिन का रिमाण्ड दिया है। पुलिस रविवार को पुन: आरोपित को श्रीगंगानगर न्यायालय में पेश करेगी। मामले के आरोपित दलीप नायक की शिनाख्त जेल परिसर में अदालत के आदेश पर की जाएगी। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में अदालत में गुहार की जाएगी।

आरोपित को मामा कहकर बचाई जान
घड़साना.

आठ साठ की मासूम बालिका से दुराचार के आरोपी ने तो सबूत मिटाने के लिए उसकी हत्या का मानस बना लिया था लेकिन बालिका के रोने-गिड़गिड़ाने और आरोपित को बार-बार मामा कहने पर वह पसीज गया और उसे एक मंदिर के पास छोड़कर भाग गया। थानाधिकारी ने बताया कि 26 वर्षीय आरोपित युवक दलीप कुमार नायक पुत्र सोहनलाल खाजूवाला से आते समय किसी स्थान पर शराब पीकर रवाना हुआ था। शराब के नशे में वह बाइक चलाते घड़साना पहुंच गया।

वहां अपने गांव जाने के लिए किसी वाहन का इन्तजार कर रहे पिता व पुत्री को लिफ्ट देकर बाइक पर चढ़ा लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपित शराब के नशे में था। बालिका को बाइक पर अपने पीछे बैठाने के बाद रास्ते में उसने छेड़छाड़ भी की। पिता के साथ होने पर बालिका चुप रही। इस पर आरोपित युवक का हौसला बढ़ गया। उसने जान बूझकर सिगरेट का पैकेट गिराया। पैकेट वापस लाने के लिए बालिका के पिता को बाइक से उतार दिया। वह सिगरेट लाने के लिए मुड़ा तब बाइक लेकर फरार हो गया।


गिरफ्तारी से बचने के लिए मिटाए सबूत:

पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों मेंं आरोपित की पहचान होने की आशंका पर दलीप ने सबूत मिटाने के प्रयास भी किए। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि बाइक की हेड लाइट के पास लगे कलश का चिह्ट हटा दिया। साथ ही आरोपित ने दाढ़ी व मूंछ बढ़ा ली। काले वस्त्र पहनने की अखबारों में खबर छपने पर आरोपित ने घर में कमीज व पाजामा छुपा दिए थे। अभियुक्त ने स्वीकारा कि उसकी घिनौनी हरकत के दौरान बालिका ने बिलखते हुए उसे मामा कह कर छोड़ देने की गुहार की थी।

घिनौने कृत्य के बाद उसे आभास भी हुआ कि गलत कदम उठा लिया है। पकड़े जाने तथा सजा के डर से बालिका को ठिकाने लगाने की सोची। पर भावनात्मक रिश्ते की गुहार में यह विचार त्याग दिया। अगले दो-तीन दिन तक वह बेचैन रहा। उसने एक बार पुलिस के समक्ष समर्पण करने की भी सोची लेकिन पुलिस ने समर्पण वाली बात को आरोपित की झूठी कहानी गढऩा बताया है।

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