
-हॉस्पिटल भवन के लिए लैण्ड मार्क देने का काम होगा 16 को
श्रीगंगानगर.
राजकीय जिला चिकित्सालय में दानदाता के सहयोग से बनने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण इसके नक्शे में मामूली संशोधनों के बाद ही शुरू हो पाएगा। पिछले दिनों यहां से जो नक्शा सार्वजनिक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर को मंजूरी के लिए भेजा गया था, उसमें उन्होंने कुछ संशोधन करने का कहा है।
जिला कलक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में बुधवार को मेडिकल कॉलेज निर्माण से संबद्ध पक्षों की बैठक में इस पर विचार हुआ और निर्णय किया गया कि नक्शे मे संशोधन का काम 17 अप्रेल तक पूरा करवा लिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज का संशोधित नक्शा गत माह 27 मार्च को तैयार हुआ था और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी डॉ.अभिषेक क्वात्रा ने उसी दिन इस पर हस्ताक्षर कर दानदाता के आर्किटेक्टर को सौंप दिया था। दानदाता के आर्किटेक्टर ने संशोधित नक्शा सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को भिजवाया जिस पर उन्होंने मामूली संशोधन करवाए हैं। बैठक में निर्णय किया गया कि नक्शे में आवश्यक संशोधन करवाने के बाद दानदाता अपने आर्किटेक्टर को जयपुर मुख्य अभियंता के पास भेजेंगे और उनसे नक्शे का अनुमोदन करवाएंगे। दानदाता को यह काम 17 अप्रेल तक पूरा करवाने का कहा गया है।
यह फैसला भी हुआ
मेडिकल कॉलेज के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नॉम्र्स के अनुसार बनाए जाने वाले 400 बेड के अस्पताल भवन के निर्माण के बारे में भी चर्चा हुई। इसके लिए तय किया गया कि 16 अप्रेल को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुमन विनोचा जिला चिकित्सालय परिसर में 400 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए निर्धारित जगह की नपाई करवा कर दानदाता के प्रतिनिधि को लैण्ड मार्क दे देंगे। बैठक में दानदाता बी.डी. अग्रवाल, उदयपाल झाझडिय़ा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुमन विनोचा और कार्यवाहक पीएमओ डॉ.राजेश अरोड़ा मौजूद रहे।