राजस्थान पत्रिका के जल बचत अभियान अमृतं जलम् की शुरुआत रविवार को हुई। इसके तहत जिले में विभिन्न स्थानों पर जलस्रोतों की खुदाई की गई।
श्रीगंगानगर.
राजस्थान पत्रिका के जल बचत अभियान अमृतं जलम् की शुरुआत रविवार को हुई। इसके तहत जिले में विभिन्न स्थानों पर जलस्रोतों की खुदाई की गई। लोगों ने जलस्रोतों की सफाई की तथा जल बचत का संदेश दिया। इसके साथ ही कई जगह पर गोष्ठियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी लोगों तक जलबचत की जानकारी पहुंचाई गई तथा उन्हें बताया गया कि जल के रहते ही भविष्य सुरक्षित रह सकता है।
जल है तो कल है
शहर के बिनोबा बस्ती पार्क में हुए आयोजन में पतंजलि योग समिति के शिविर के दौर जल बचत के बारे में जानकारी दी। पतंजलि योग साधना परिवार के सहयोग से हुए कार्यक्रम में जल के बचे रहने पर ही भविष्य सुरक्षित रहने का संदेश दिया गया । कृषि अनुसंधान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.उम्मेदसिंह शेखावत ने कहा कि जिस तरह माता-पिता की सेवा करने से बेहतर परिणाम मिलते ही हैं, उसी प्रकार से यदि हम जल का संरक्षण करेंगे तो हम सुरक्षित ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल में से बहुत कम पानी ही पीने योग्य है। शेष सारा पानी खारा है, ऐसे में पानी सुरक्षित नहीं होने पर हम स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते। हमें पानी बचाना चाहिए तथा इसके लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने खेती में भी पानी बचाने के बारे में बताया।
शिविर के प्रभारी रवि परूथी ने कहा कि पानी हमारे वर्तमान की आवश्यकता है। पानी नहीं रहने पर हमारा सुरक्षित रहना भी मुश्किल हो जाएगा। अभी हमें पानी उपलब्ध है, इस कारण हमें इसके महत्व का पता नहीं लगता। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण की अलख आमजन में जगानी चाहिए। इससे पूर्व शिविर में कई तरह के योग करवाए गए। साधकों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्लोगन लिखकर बच्चे बोले पानी बचाओ
इसी क्रम में शहर के जैन पब्लिक स्कूल में लगे फन मेले में भी पानी बचाने का संदेश स्लोगन प्रतियोगिता के मध्यम से दिया गया। इसमें विद्यार्थियों ने पानी बचाने के लिए अलग-अलग तरह के संदेश लिखे। उन्होंने 'सेव वाटर-सेव अर्थ', 'पानी बचाओ यह वर्तमान की आवश्यकता है' जैसे कई संदेश लिखे। इन संदेशों के माध्यम से पानी बचाने का संदेश िदया गया। इस अवसर पर लगे फन मेले में छात्राओं ने मंच पर शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें मेहंदी लगाओ, रंगोली आदि प्रतियोगिताएं हुई। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य ममता अरोड़ा, समन्वयक मुकेश सेठी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।