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कम पानी, ज्यादा कमाई वाली फसल पर रोक? श्रीगंगानगर में ड्रैगन फ्रूट की खेती, किसान आगे, सरकार पीछे – परीक्षण की मांग

तर्क है कि क्षेत्र की जलवायु और परिस्थितियां ड्रैगन फ्रूट के अनुकूल नहीं हैं। सवाल यह है कि क्या स्थानीय खेत में वैज्ञानिक परीक्षण किए बिना ही किसी नई फसल की संभावना को खारिज किया जा सकता है
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Dragon fruit plantation in a field in the Sri Vijaynagar tehsil area. A farmer has taken up dragon fruit cultivation as an alternative to traditional crops in the desert region.

Dragon fruit plantation in a field in the Sri Vijaynagar tehsil area. A farmer has taken up dragon fruit cultivation as an alternative to traditional crops in the desert region.

श्रीगंगानगर.रेगिस्तानी गर्मी, बदलते मौसम और सीमित सिंचाई पानी के बीच किसान ऐसी फसलों की तलाश में हैं, जो कम पानी में बेहतर आमदनी दे सकें। किन्नू के बाद अब ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसल भी किसानों की उम्मीद बन रही है। लेकिन सरकारी जवाब ने इस संभावना पर फिलहाल ' नो एंट्री ' लगा दी है। तर्क है कि क्षेत्र की जलवायु और परिस्थितियां ड्रैगन फ्रूट के अनुकूल नहीं हैं। सवाल यह है कि क्या स्थानीय खेत में वैज्ञानिक परीक्षण किए बिना ही किसी नई फसल की संभावना को खारिज किया जा सकता है

कागज पर मौसम का हिसाब, खेत में परीक्षण कहां ?

सेवानिवृत्त उप निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. मिलिंद सिंह के अनुसार श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ की परिस्थितियां अलग हैं। यहां गर्मी अधिक है,लेकिन ड्रिप, मल्चिंग और संरक्षित खेती जैसी तकनीकें उपलब्ध हैं। इसलिए अलग-अलग किस्मों को स्थानीय मिट्टी, तापमान और पानी की परिस्थितियों में लगाकर परीक्षण जरूरी है। इससे उत्पादन,लागत,पानी की जरूरत और बाजार की व्यवहारिकता का वास्तविक आकलन हो सकेगा।

अभी क्षेत्र में इस दिशा में कोई ठोस अनुसंधान नहीं हुआ

ड्रैगन फ्रूट कैक्टस परिवार की फसल है और अपेक्षाकृत कम पानी वाली उच्च मूल्य की बागवानी फसल के रूप में देश के कई हिस्सों में उगाई जा रही है। हालांकि दूसरे राज्यों के आंकड़े यहां सीधे लागू नहीं किए जा सकते, लेकिन यही वजह स्थानीय परीक्षण की जरूरत को और मजबूत करती है। कृषि विश्वविद्यालय या कृषि अनुसंधान केंद्र, श्रीगंगानगर की निगरानी में अलग-अलग किस्मों और सिंचाई मात्रा के साथ प्रदर्शन प्लॉट लगाए जा सकते हैं। इसके बावजूद अभी क्षेत्र में इस दिशा में कोई ठोस अनुसंधान नहीं हुआ है। जर्क की बैठकों में मुद्दा उठने और कृषि विभाग की ओर से सुझाव दिए जाने के बावजूद परीक्षण आगे नहीं बढ़ा।

योजना में प्रावधान,स्थानीय प्रस्ताव गायब

एकीकृत बागवानी विकास मिशन में ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, तकनीकी प्रदर्शन, प्रशिक्षण और फसलोपरांत प्रबंधन के लिए सहायता का प्रावधान है। इसके बावजूद श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ के लिए इसे बढ़ावा देने का कोई विशेष प्रस्ताव राज्य स्तर से केंद्र को नहीं भेजा गया। यानी योजना में दरवाजा खुला है,लेकिन स्थानीय स्तर पर दस्तक नहीं दी गई।

पहले ट्रायल, फिर फैसला

  • स्थानीय खेतों में वैज्ञानिक प्रदर्शन प्लॉट लगें।
  • अलग-अलग किस्मों का परीक्षण किया जाए।
  • ड्रिप व तापमान प्रबंधन के साथ परिणाम देखें।
  • पानी, लागत, उत्पादन और बाजार का आकलन हो।
  • सकारात्मक परिणाम पर अनुदान व प्रशिक्षण के साथ विस्तार हो।

स्थानीय परिस्थितियों में पहले हो वैज्ञानिक ट्रायल

सांसद कुलदीप इंदौरा ने लोकसभा में श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती की संभावनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने वैज्ञानिक अध्ययन,प्रायोगिक खेती और प्रदर्शन भूखंड स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि सिंचाई पानी की चुनौती को देखते हुए कम पानी में अधिक मूल्य देने वाली फसलों की तलाश जरूरी है। पहले स्थानीय परिस्थितियों में परीक्षण हो और परिणाम के आधार पर किसानों को आगे का रास्ता बताया जाए।

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