
श्रीगंगानगर.
मंदिर के पुजारी ने बताया कि हर माह पूर्णिमा को मंदिर में जनसहयोग से लंगर लगाया जाता है। इस दिन दाल-चूरमा का बाबा को भोग लगाया जाता है। वहीं शहर में कई जगह इसी तरह से धार्मिक आयोजन हुए, इनमें कहीं राहगीरों को छबील लगाकर ठंडा मीठा पानी पिलाया तो कहीं लंगर लगाकर भोजन कराया गया।
हनुमान चालीसा के पाठों में झूमे श्रद्धालु
सेतिया कॉलोनी गली नं. 3 में स्थित 'हाथी वालेÓ श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर में संस्थापक पं. मंशाराम मिश्र के सानिध्य में पीपल पूर्णिमा के उपलक्ष्य में श्री हनुमान चालीसा के 11 पाठों का कार्यक्रम किया गया। इसके बाद भजन कीर्तन हुए। प्रवक्ता मोहन सोनी ने बताया कि सुबह से ही देर शाम तक भक्तों में हनुमान चालीसा के पाठ पढऩे व सुनने के लिए होड़ सी लगी रही। श्री बजरंग बली का श्रृंगार किया गया। पुजारी ने श्रद्धालुओं के हाथों से विशेष पूजा अर्चना करवाई।
श्री गणेश महिला संकीर्तन मण्डल के नेतृत्व में भजन कीर्तन किया गया। भजन गायकों के भजनों 'छम-छम नाचे देखो वीर हनुमाना कहते है लोग इसे राम का दिवाना, 'दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं,Ó आदि पर श्रद्धालु झूम उठे। आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
पूर्णिमा पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
सिद्धपीठ श्री झांकीवाले बालाजी मंडल की ओर से जिले की सुख-शांति व खुशहाली के लिए पुरानी आबादी के उदाराम चौक स्थित श्रीबालाजी बगीची में रामनाम संकीर्तन हुआ। इसी के साथ श्री संकटमोचन बालाजी हवन-यज्ञ किया गया।
मंडल के मुख्य सेवादार प्रेम अग्रवाल 'गुरूजी' ने बताया कि अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में सुबह 8 बजे से 8.30 बजे तक रामनाम संकीर्तन हुआ। इसके उपरांत 8.30 बजे से 9.30 बजे तक पं. रिशीकुमार शास्त्री के सानिध्य में जिले की खुशहाली के लिए हवन-यज्ञ हुआ। हवन के बाद श्रीबालाजी महाराज की आरती की गई। आसपास की मंडियों व पंजाब क्षेत्र से भी पूर्णिमा के मौके पर भक्त श्रीबालाजी महाराज के धोक लगाने पहुंचे।