
श्रीगंगानगर.
शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय में पिछले कई दिन से पड़े दो बुजुर्गों के शवों की आखिर पुलिस और परिजनों ने सुध ली।मंगलवार को एक शव की पहचान हो गई जबकि अन्य शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए सूरतगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। राजकीय जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में पिछले कई दिनों से शव पड़े होने का मामला सोमवार को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। उसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और सूरतगढ़ पुलिस ने एक शव को लिया जबकि एक शव की पहचान श्रीगंगानगर के बीरबल चौक निवासी जरनैलसिंह पुत्र हजारासिंह के रूप में हुई है। इस शव को मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन अपने साथ ले गए।
यह था मामला
आठ दिसम्बर को एक रोगी को श्रीगंगानगर के राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इस सत्तर वर्षीय रोगी को मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती करवाया गया जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई। इसे 108 एंबुलेंस से यहां लाया गया था। जिस दिन उसे चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया उसी दिन रोगी की मौत भी हो गई। चिकित्सालय ने पुलिस को सूचित भी कर दिया गया लेकिन पुलिस ने इस शव के पोस्टमार्टम या अन्य कार्रवाई में कोई रुचि नही दिखाई। इसके करीब नौ दिन बाद सत्रह दिसम्बर को एक और रोगी को सूरतगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर कर 108 एंबुलेंस से श्रीगंगानगर भिजवाया गया। इसे दोपहर दो बजे यहां भर्ती करवाया गया तथा इसी दिन रोगी की मौत हो गई लेकिन आठ दिन बाद भी पुलिस ने इस शव की कोई सुध नहीं ली। इस बार भी चिकित्सालय प्रशासन ने रोगी की मौत के दिन ही पुलिस को सूचित कर दिया।
नौ दिन पुराने शव का रामनाम सेवा संस्थान ने करवाया अंतिम संस्कार
इस बीच दोनों शवों में से सत्रह दिसम्बर को मिले शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए सूरतगढ़ पुलिस यहां पहुंच गई। यहां शव का रामनाम सेवा संस्थान ने अंतिम संस्कार करवाया। संस्थान के रोशनलाल सीकरी ने बताया कि सूरतगढ़ के एएसआई पेमाराम ने उनसे संपर्क किया था उसके बाद इस शव का अंतिम संस्कार करवाया गया।