
श्रीगंगानगर.
सीमा सुरक्षा बल की बॉर्डर ऑब्जर्वेशन पोस्ट (बीओपी) पर भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी के लिए रखे जाने वाले सुरक्षा उपकरणों को रिचार्ज करने के लिए जवानों को अब सीमा चौकी तक का सफर नहीं करना पड़ेगा। सौर ऊर्जा के माध्यम से अब सुरक्षा उपकरणों को बीओपी पर ही रिचार्ज किया जा सकेगा। बीओपी पर सौर ऊर्जा की सुविधा मिलने पर वहां रहने वाले जवानों को भीषण गर्मी और उमस के समय पंखे की हवा का सहारा मिलेगा।
श्रीगंगानगर सेक्टर में बीओपी पर सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध कराने का काम तेजी से चल रहा है। सीमा सुरक्षा बल की सीमा चौकियों पर तो बिजली की सुविधा है। लेकिन इन से चार-पांच किलोमीटर दूर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बनी बीओपी पर बिजली की सुविधा नहीं है। वहां तैनात जवानों के पास निगरानी और संपर्क के लिए संचार और सुरक्षा के ऐसे उपकरण होते हैं जिनका बैट्री बैकअप कुछ घंटों के उपयोग के बाद समाप्त हो जाता है।
ऐसी स्थिति में बीओपी पर तैनात किसी जवान को बैटरी बैकअप रिचार्ज करवाने के लिए सीमा चौकी पर भेजा जाता है। बीओपी से सीमा चौकी तक पैदल जाने-आने तथा बैटरी बैकअप रिचार्ज करवाने में जवान के कई घंटे जाया हो जाते हैं। प्रचंड गर्मी और लू के समय तो यह काम और भी मुश्किल हो जाता है।
इस तरह काम करेगा
बीएसएफ की बीओपी को सौर ऊर्जा से लैस करने का काम करने वाली कंपनी सु-कैम पॉवर लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक चौकी पर 1.5 किलोवाट का ब्रेनी इको सौर इन्वर्टर(1600/24 वी) लगाया गया है, जिसमें 500 वाट का सोलर पैनल और बैटरी होती है। यह रोशनी के साथ-साथ दो-तीन पंखों के लिए भी बिजली प्रदान करेगा।
अब नहीं होगी परेशानी
बीओपी पर सौर ऊर्जा की सुविधा मिलने पर जवानों को संचार एवं सुरक्षा उपकरणों को रिचार्ज करवाने के लिए सीमा चौकियों तक नहीं जाना पड़ेगा। अब वे बीओपी के पास लगे सौर ऊर्जा पैनलों से मिलने वाली बिजली से अपने उपकरण रिचार्ज कर सकेंगे। यहां यह बात उल्लेखनीय है कि बीओपी पर तैनात जवान निरंतर अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी करते हैं। इस काम के लिए उन्हें अब अत्याधुनिक संचार एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं जो बैटरी से चलते हैं। इन उपकरणों के बैटरी बैकअप को निर्धारित समय के पश्चात रिचार्ज करवाना जरूरी होता है। बीओपी पर बिजली की सुविधा नहीं होने से जवानों के लिए बैटरी बैकअप को रिचार्ज करवाना काफी कठिन काम था।