आधे से ज्यादा किसानों के क्लेम को बीमा कंपनियों ने विभिन्न बहानों से खारिज कर दिया। अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने रिपोर्ट तलब की है।
पिछले कुछ वर्षों में राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत किसानों के बीमा क्लेम निरंतर खारिज किए जा रहे हैं, जिससे किसानों में चिंता और निराशा है। राजस्थान पत्रिका के 31 दिसंबर के अंक में मौत सच, बीमा क्लेम पर बहाना, करोड़ों कमाए,..भुगतान क्यों अटकाएं शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया।
इसके बाद सीएमओ जयपुर से लेकर केन्द्रीय सहकारी बैंक सहित यहां के गंगानगर केन्द्रीय सहकारी बैंक (जीकेएसबी) में खलबली मच गई। खबर में बताया गया था कि आधे से ज्यादा किसानों के क्लेम को बीमा कंपनियों ने विभिन्न बहानों से खारिज कर दिया। अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने रिपोर्ट तलब की है।
इस प्रकरण में सीएमओ ने राज्य सहकारी बैंक के रजिस्ट्रार से रिपोर्ट मांगी है। रजिस्ट्रार ने गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक संजय गर्ग को निर्देशित किया है कि अवगत करवाएं कि पिछले पांच वर्षों में इस बीमा योजना में कितने किसानों ने बीमा करवाए, कितनी राशि प्रीमियम की जमा करवाई गई और कितने बीमा क्लेम स्वीकृत हुए और कितने क्लेम खारिज किए गए।