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RGHS : राजस्थान का श्रीगंगानगर जिला भी ऑडिट टीम के रडार पर, भ्रष्टाचार के तरीके जानकर हो जाएंगे हैरान

RGHS : राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस में सामने आई गड़बड़ियों के बाद श्रीगंगानगर जिला भी ऑडिट टीमों के रडार पर आ गया है। आरोपियों ने भ्रष्टाचार करने के जिन तरीकों का इस्तेमाल किया है, जानकर सिर पकड़ लेंगे।

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Rajasthan RGHS Update Sri Ganganagar district is also on audit team radar You surprised to know corruption methods

फाइल फोटो पत्रिका

RGHS : राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस में सामने आई गड़बड़ियों के बाद श्रीगंगानगर जिला भी ऑडिट टीमों के रडार पर आ गया है। सीकर, जयपुर, अलवर और भरतपुर में बड़े मामले सामने आने के बाद यहां भी जांच तेज की गई है। प्रारंभिक पड़ताल में कोरोना काल में श्रीगंगानगर में नियुक्त एक सरकारी चिकित्सक के परिवार के नाम पर करीब 37 लाख रुपए की दवाओं की खपत का मामला सामने आया था। इसके बाद से जिला स्वास्थ्य विभाग की ऑडिट टीमों की निगरानी में यह जिला है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार ऑडिट टीमें अब उन अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों की सूची तैयार कर रही है, जिनके बिलिंग पैटर्न संदिग्ध पाए गए है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों पर अन्य विभागों के साथ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भी नजर रखे हुए है। जिले में कई निजी अस्पताल और मेडिकल स्टोर संदेह के घेरे में हैं।

जांच की वर्तमान स्थिति

श्रीगंगानगर शहर और आसपास के क्षेत्रों के उन अस्पतालों व फार्मेसी स्टोरों की ऑडिट की जा रही है। जिनके बिलिंग रिकॉर्ड में अचानक भारी बढ़ोतरी देखी गई।

चार-पांच सरकारी और निजी डॉक्टरों के नुस्खों की जांच की जा रही है, जिन्होंने कथिततौर पर बिना आवश्यकता महंगे टेस्ट और दवाइयां लिखी।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मेडिकल स्टोरों ने मरीजों को दवा दिए बिना ही उनके कार्ड से ट्रांजेक्शन किए, जबकि कुछ अस्पतालों ने सामान्य बीमारियों को गंभीर बताकर भारी क्लेम उठा लिए।

गड़बड़ियां ऐसी-ऐसी…

ऑडिट टीमें सरकारी और निजी डॉक्टरों के उन नुस्खों की जांच कर रही हैं, जिनमें कथिततौर पर बिना आवश्यकता महंगे टेस्ट और दवाइयां लिखी गई। प्रदेश स्तर की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मेडिकल स्टोर्स संचालकों ने मरीजों को दवा दिए बिना ही उनके आरजीएचएस कार्ड से ट्रांजेक्शन कर लिया।

वहीं कुछ अस्पतालों ने सामान्य बीमारियों को गंभीर बताकर भारी क्लेम उठा लिए। पदमपुर थाने में पहले ही करीब पांच दर्जन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने दवा के बजाय वाशिंग मशीन, स्कूटर, टीवी और अन्य सामान खरीद लिया।

कार्ड किराए पर लिया, उठाता रहा भुगतान

श्रीगंगानगर में एक मेडिकल स्टोर्स संचालक की ओर से कई कर्मचारियों के आरजीएचएस कार्ड किराए पर लेने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बदले कर्मचारियों को तय राशि दी जाती थी।

कार्ड अपने पास रखकर मेडिकल स्टोर संचालक चिकित्सक से दवा की पर्ची बनवाने सहित पूरी प्रक्रिया खुद पूरी करता और सरकारी खजाने से अधिक राशि का भुगतान उठा लेता।