प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते देखकर और सरकार के चार साल के जश्न में भीड़ जुटाने के लिए एकजुटता का नाटक दिखाने के उद्देश्य से लगता है
श्रीगंगानगर.
प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते देखकर और सरकार के चार साल के जश्न में भीड़ जुटाने के लिए एकजुटता का नाटक दिखाने के उद्देश्य से लगता है भाजपा के सिपहसालारों ने एक बार फिर नगर परिषद के सभापति अजय चांडक को घर वापसी का लड्डू दिखाकर ललचाने का प्रयास किया है। हालांकि जिलाध्यक्ष हरिसिंह कामरा ने इस मामले में उनकी वापसी की उम्मीद जताते हुए इंतजार की बात कही है लेकिन चार दिन पूर्व ही उपसभापति अजय दावड़ा को नगर परिषद में उनके खिलाफ नेता प्रतिपक्ष बनाकर कौनसी राजनीति खेली गई है, यह माजरा लोगों की समझ में नहीं आया।
राज्य सरकार के चार साल पूर्ण होने पर शुक्रवार को रामलीला मैदान में हुए कार्यक्रम में भाजपा नेताओं के साथ सभापति अजय चाड़क भी मंच पर नजर आए। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति चर्चा में रही। अब इस प्रकार के संकेत मिल रहे हैं कि चांडक की भाजपा में वापसी हो सकती है। हालांकि 11 दिसंबर को ही भाजपा जिलाध्यक्ष हरिसिंह कामरा ने एक बैठक कर नगर परिषद के उप-सभापति अजय दावड़ा को प्रतिपक्ष नेता घोषित किया था। इसके बाद लगा कि अब अब भाजपा में नगर परिषद सभापति चांडक की वापसी मुश्किल है लेकिन शुक्रवार को भाजपा नेताओं के साथ मंच पर सभापति चाड़क की उपस्थिति कुछ और ही कह रही है।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री व सांसद, राज्य मंत्री, जिला प्रमुख, विधायक, पूर्व विधायक व भाजपा से जुड़े पदाधिकारी ही शामिल हुए। इनके साथ आगे की पंक्ति में सभापति बैठे हुए थे। भाजपा से निष्कासित नगर परिषद सभापति अजय चांडक भाजपा के कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका को लेकर इनकी घर वापसी की चर्चा होती रही। वैसे जानकार सूत्रों की मानें तो कहा यह भी जा रहा है कि पिछले साल कार्यक्रम में कम उपस्थिति से सबक लेकर और सभी गुटों की 'एकता' प्रदर्शित करने के प्रयासों के तहत ही सभापति को साथ रखना एक कदम मात्र हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि चांडक ने भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीता था लेकिन सभापति पद की जोड़तोड़ में 26 नवंबर 2014 को उन्होंने सर्वदलीय सभापति के तौर पर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी संभाल ली। इसके बाद भाजपा ने पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक नागपाल और सभापति अजय चांडक को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। कुछ माह पहले पूर्व विधायक नागपाल की भाजपा में वापसी हो गई लेकिन चांडक की पिछले तीन साल से भाजपा में वापसी नहीं हो रही है। हालांकि चांडक ने भाजपा में वापसी के लिए बार-बार कोशिश की है लेकिन इनकी राह में कोई न कोई रोड़ा अटका दिया जाता है।
थोड़ा इंतजार करो
राज्य सरकार के चार साल पूर्ण होने पर हुआ कार्यक्रम सरकारी था। इसलिए सभापति चांडक इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां तक चांडक की भाजपा में वापसी का सवाल है तो थोड़ा इंतजार करें, कोशिश जारी है भाजपा में इनकी वापसी भी होगी।
हरिसिंह कामरा, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
भाजपा मेरी मां
सरकार के चार साल पूरे होने पर हुए कार्यक्रम में पार्टी ने मुझे बुलाया था। तभी तो कार्यक्रम में शामिल हुआ हूं। भाजपा मेरी मां है और मैं पार्टी का एक छोटा का कार्यकर्ता।
अजय चांडक, सभापति, नगर परिषद, श्रीगंगानगर।