राजनीति को स्वच्छ करने के लिए सभी को मिलकर भागीरथी प्रयास करने होंगे।
सादुलशहर.
राजस्थान पत्रिका की ओर से अक्षय तृतीया विशेष अबुझ मुहुर्त में अक्षय संकल्प स्वच्छ राजनीति से रिश्ता जोड़ो बनेंगे बदलाव के नायक चेंज मेकर अभियान के तहत बुधवार को सादुलशहर के महाराज अग्रसेन चौक पर कार्यक्रम का आयोजन समाज सेवी रविन्द्र मोदी की अध्यक्षता में किया गया। सादुलशहर की राजनीति में अच्छे लोगों को आगे लाए तथा सभी लोग इसके लिए समान रूप से कदम बढायें। यह मानना है शहर के अनेक प्रबुद्ध नागरिकों का। इस अवसर पर मानव श्रृंखला बनाकर सकारात्मक बदलाव का अक्षय संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर आयोजित सभा में रविन्द्र मोदी ने अक्षय तृतीय की शुभकामनाऐं दी तथा कहा कि राजनीति में स्वच्छ लोगों का पर्दापण देश व समाज हित्त की महत्ति आवश्यकता है।
राजनीति को स्वच्छ करने के लिए सभी को मिलकर भागीरथी प्रयास करने होंगे। राजनीति में शिक्षित व ईमानदार व बेदाग छवि के लोगों का प्रवेश बहुत जरूरी है। राजस्थान पत्रिका ने चेंज मेकर बदलाव के नायक, सामाजिक महाअभियान चलाया है, इसमें सभी को अपनी महत्ति भूमिका निभानी होगी।
सभा के पश्चात लोगों ने अपने विचार रखे तथा पत्रिका की इस रचनात्मक पहल का स्वागत किया। इस अवसर पर किसान नेता सुरेन्द्र सिंह बराड़, व्यापारी अजय कटारिया, पूर्व पार्षद राजेश सोनी, समाज सेवी सतपाल गोयल, लीलुराम ढुंढ़ाड़ा, विष्णु सोलंकी, कुलदीप सिंह, काला सिंह मिस्त्री सहित प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।
राजनीति में बेदाग छवि व ईमानदार लोगों का प्रवेश होना चाहिए, इसके लिए हम सभी को इस दिशा में कार्य करना होगा, ताकि देश व समाज प्रगति की राह पर अग्रसर हो सके।
-सहदेव स्याग, व्यापारी
राजनीति में आने के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता व अच्छे नागरिकों के चयन की जिम्मेदारी सम्बंधित क्षेत्र के नागरिकों की बनती है। हमें अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा। ताकि राजनीति में ईमानदार लोगों का प्रवेश हो सके।
रविन्द्र मोदी, अध्यक्ष भाविप शाखा सादुलशहर
कौन कहता है की आसमान में छेद नहीं होता, तबीयत से एक पत्थर तो उछालो यारो... कवि की इस पंक्ति को चरितार्थ करते हुए राजनीति में गुणवान लोगों का ही राजनीति में प्रवेश हो इसके लिए हमें स्वयं से इसकी पहल करनी होगी। इसके साथ ही जन-जन को जोडऩा होगा, तब जाकर स्वच्छ राजनीति का सपना साकार होगा।
विष्णु सोलंकी, सामाजिक कार्यकत्र्ता
राजनीति में भी शुद्धिकरण के लिए मंथन होना जरूरी है तथा इसके लिए कड़े कानून की भी आवश्यकता है, इसके साथ-साथ उसकी कड़ाई से पालना किसी स्वतंत्र एजेन्सी से करवाना जरूरी है।
लीलुराम ढुंढ़ाड़ा, श्रमिक नेता